ढाका: बांग्लादेश के राजनीतिक इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। 2024 की ‘जुलाई क्रांति’ के बाद हुए पहले आम चुनाव और राष्ट्रीय जनमत संग्रह में बीएनपी (Bangladesh Nationalist Party) ने ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए पूर्ण बहुमत हासिल कर लिया है। 13वें राष्ट्रीय संसदीय चुनाव की मतगणना के शुरुआती रुझानों ने साफ कर दिया है कि देश की जनता ने बदलाव के पक्ष में वोट दिया है।
बीएनपी की बड़ी जीत, जमात-ए-इस्लामी मुख्य विपक्ष
ताजा मतगणना के अनुसार, बीएनपी ने अब तक 151 निर्वाचन क्षेत्रों में जीत दर्ज कर बहुमत का जादुई आंकड़ा छू लिया है। वहीं, जमात-ए-इस्लामी 43 सीटों के साथ मुख्य विपक्षी दल के रूप में उभरती दिख रही है।
चुनाव के मुख्य आंकड़े:
- कुल मतदान प्रतिशत: दोपहर 2 बजे तक लगभग 47.91% रहा।
- संसदीय सीटें: 300 में से 299 सीटों पर मतदान हुआ (शेरपुर-3 में उम्मीदवार की मृत्यु के कारण मतदान स्थगित)।
- मतदान केंद्र: देशभर में 42,659 केंद्रों पर पारदर्शी तरीके से वोट डाले गए।
‘नए बांग्लादेश का जन्मदिन’: डॉ. मुहम्मद यूनुस
मुख्य सलाहकार प्रोफेसर डॉ. मुहम्मद यूनुस ने गुलशन मॉडल हाई स्कूल में अपना वोट डालने के बाद इस दिन को “अत्यंत खुशी का दिन” और “नए बांग्लादेश का जन्मदिन” करार दिया। उन्होंने राष्ट्र को “ईद मुबारक” कहते हुए लोकतांत्रिक प्रक्रिया में शामिल होने के लिए जनता का आभार व्यक्त किया।
प्रमुख नेताओं के बयान:
- तारिक रहमान (बीएनपी अध्यक्ष): “आज लोगों को उनके अधिकार वापस मिल गए हैं। भारी मतदान ने हर साजिश को नाकाम कर दिया है।”
- डॉ. शफीकुर रहमान (अमीर, जमात-ए-इस्लामी): “निष्पक्ष चुनाव होने पर हमें बड़ी जीत की उम्मीद है।”
- नाहिद इस्लाम (एनसीपी संयोजक): “16 साल बाद देश में निष्पक्ष चुनाव हुए हैं, यह लोकतंत्र की स्थापना का अवसर है।”
शांतिपूर्ण और उत्सवपूर्ण माहौल
29 दिसंबर 2008 के बाद यह पहला मौका था जब मतदाताओं ने चुनाव को एक उत्सव की तरह मनाया। जेस्सोर की 120 वर्षीय स्वर्ण बेगम से लेकर युवा मतदाता ताहमीना हक तक, सभी ने सुरक्षा व्यवस्था और मतदान की प्रक्रिया पर संतोष जताया।
“आखिरकार मैं अपना वोट डालने आ गई हूं। माहौल बहुत ही सुव्यवस्थित और शांतिपूर्ण है।” – ताहमीना हक, युवा मतदाता
कड़ी सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय निगरानी
- सुरक्षा बल: सेना, बीजीबी और पुलिस के लगभग 10 लाख कर्मियों को तैनात किया गया था।
- निगरानी: अधिकांश केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों से पैनी नजर रखी गई।
- पर्यवेक्षक: यूरोपीय संघ (EU), राष्ट्रमंडल और IRI जैसे अंतरराष्ट्रीय मिशनों ने चुनाव प्रक्रिया की सराहना की।
एक ऐतिहासिक जनमत संग्रह
इस बार मतदाताओं ने दो मतपत्रों का उपयोग किया—एक नई संसद चुनने के लिए और दूसरा राष्ट्रीय सुधारों के लिए जनमत संग्रह के लिए। अवामी लीग की अनुपस्थिति में यह चुनाव मुख्य रूप से बीएनपी और जमात-ए-इस्लामी के बीच वैचारिक मुकाबले का केंद्र रहा।
- ईरान-इजरायल युद्ध: ट्रम्प प्रशासन को लगा दोहरा झटका; बेन गुरियन एयरपोर्ट पर भीषण हमला और हथियारों की भारी कमी

- ईरान का इज़राइल पर बड़ा मिसाइल हमला: तेल अवीव सहित मध्य इज़राइल में भारी विस्फोट, आपातकाल घोषित

- खामेनेई का निधन और मध्य-पूर्व में महायुद्ध की आहट

- ईरान-इजरायल युद्ध: अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद UN सुरक्षा परिषद की आपात बैठक आज

- US, Israel attack Iran live: ईरान का कतर, UAE और बहरीन स्थित अमेरिकी ठिकानों पर भीषण मिसाइल हमला

