Opinion

Muslim Community(s) and the Need of Women Reforms in 21st Century India: A Perspective by Dr. Shalini Ali

Introduction The question of women’s reforms within the Muslim community in contemporary India has emerged as one of the most debated social, legal, and intellectual...

“जायदाद नहीं, तालीम विरासत बनाइए” – लेखक: ख़ालिद मुस्तफ़ा

"सर सैयद अहमद ख़ाँ से एएमयू की वाइस चांसलर प्रोफ़ेसर नईमा ख़ातून तक: अलीगढ़ की रौशनी और मुसलमानों का तालीमी मुस्तक़बिल" अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के...

बासु चटर्जी: आम ज़िंदगी और मध्यमवर्ग का सिनेमा रचने वाला फ़िल्मकार

भारतीय सिनेमा के इतिहास में कुछ फ़िल्मकारों ने बड़े-बड़े तमाशे रचे, कुछ ने पर्दे पर चमकते सितारे पैदा किए, तो कुछ ने ऐसी दुनिया...

हमने एक नगीना और खो दिया: सुरों की सादगी का वो ‘सुमन’ जो हमेशा महकता रहेगा- सिबतैन शाहिदी

"रहें ना रहें हम, महका करेंगे...बन के कली, बन के सबा, बाग़-ए-वफ़ा में" हिंदी सिनेमा का वो ‘सुनहरा दौर’... जिसमें हुनरमंद और बुलंद आवाज़ों की...

शिक्षित परिवारों में दहेज मृत्यु और दहेज की बढ़ती मांग: कारण, जड़ें और समाधान- डॉ. शालिनी अली

भारत में दहेज प्रथा को 1961 से अवैध घोषित किया जा चुका है। दहेज निषेध अधिनियम, भारतीय न्याय संहिता की धारा 80 और घरेलू...

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