ईरानी संसद अध्यक्ष ने अमेरिका को चेताया; कहा- न लंबा युद्ध चाहते हैं न अंतहीन बातचीत, लेकिन हक के लिए लड़ते रहेंगे।
तेहरान: ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। ईरान ने साफ कर दिया है कि जब तक उसकी सभी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, वह संयुक्त राज्य अमेरिका के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेगा।
ईरानी संसद (मजलिस) के अध्यक्ष मोहम्मद बाकर क़लीबाफ़ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि तेहरान अमेरिका के साथ न तो किसी अंतहीन युद्ध का पक्षधर है और न ही लंबी खींचने वाली बातचीत का, लेकिन अपनी मांगें पूरी होने तक वह पीछे नहीं हटेगा।
खबर के प्रमुख बिंदु (Key Highlights):
- स्थायी निवारक पर जोर: ईरान एक स्थायी रक्षात्मक निवारक (Defensive Deterrent) स्थापित करने के लिए बातचीत के पक्ष में है।
- अमेरिकी नीतियां विफल: अमेरिकी आर्थिक दबाव अभियान और सभी समय-सीमाएं बीतने के बाद भी ईरान पूरी मजबूती से काम कर रहा है।
- आधुनिक हथियारों का दावा: रिवोल्यूशनरी गार्ड्स का कहना है कि 40 दिनों के संघर्ष के बाद ईरान ने पहले से अधिक आधुनिक हथियार हासिल कर लिए हैं।
- ट्रंप पर निशाना: मध्यावधि चुनावों में जीत की मजबूरी के कारण अमेरिका द्वारा नए हमलों की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
‘भौतिकी का नोबेल अमेरिका को दे दो’ — क़लीबाफ़ का व्यंग्य
सरकारी प्रसारक IRIB पर प्रसारित एक टेलीविजन संबोधन में संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर क़लीबाफ़ ने कहा कि ईरान अपनी सुरक्षा और संप्रभुता के साथ कोई समझौता नहीं करेगा।
सोशल मीडिया पर जारी एक अलग बयान में क़लीबाफ़ ने अमेरिकी आर्थिक अभियानों की विफलता पर कड़ा तंज कसा। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, “भौतिकी का नोबेल पुरस्कार अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट को दिया जाना चाहिए, क्योंकि अमेरिकी दबाव के परिणामों को लेकर उनकी भविष्यवाणियों ने समय की अवधारणा को ही बेमानी बना दिया है।” उन्होंने कहा कि अमेरिका के तमाम दावों के बावजूद ईरान का इस्लामी गणराज्य आज भी पूरी तरह से अस्तित्व में है और सुचारू रूप से काम कर रहा है।
रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की कड़ी चेतावनी: ‘हमला हुआ तो देंगे करारा जवाब’
दूसरी ओर, ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के प्रवक्ता हुसैन मोहेबी ने नए अमेरिकी हमले की आशंका व्यक्त करते हुए कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि 40 दिनों के संघर्ष के बाद ईरान की सैन्य क्षमता में भारी इजाफा हुआ है और उसने अत्यधिक आधुनिक हथियार हासिल कर लिए हैं।
मोहेबी ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति को आगामी मध्यावधि चुनावों से पहले राजनीतिक लाभ के लिए जीत हासिल करनी है, इसलिए ईरान पर नए अमेरिकी हमले की आशंका बनी हुई है—भले ही यह कदम पूरी तरह अनुचित हो। उन्होंने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इस बार कोई भी नया दुस्साहस किया गया, तो ईरान इसका जवाब पहले से कहीं अधिक ताकत और घातक वार के साथ देने के लिए पूरी तरह तैयार है।
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