रामपुर: रामपुर रज़ा लाइब्रेरी एवं म्यूज़ियम के ऐतिहासिक दरबार हॉल में गुरुवार को आयोजित विशेष प्रदर्शनी ‘द वर्ल्ड इज़ पोएट्री’ के उद्घाटन अवसर पर मुरादाबाद की मंडलायुक्त (कमिश्नर) श्रीमती संगीता सिंह ने रज़ा लाइब्रेरी की ऐतिहासिक एवं वैश्विक महत्ता को रेखांकित किया। उन्होंने लाइब्रेरी को केवल एक संग्रहस्थल न बनाकर एक जीवंत सांस्कृतिक संस्थान के रूप में विकसित करने की प्रतिबद्धता जताई।
कमिश्नर संगीता सिंह की गरिमामयी उपस्थिति में शुरू हुई यह प्रदर्शनी 15 से 28 अक्टूबर तक आमजन, साहित्यप्रेमियों, विद्यार्थियों, शोधार्थियों और कला अनुरागियों के अवलोकनार्थ खुली रहेगी।
सांस्कृतिक संवर्धन के लिए कमिश्नर संगीता सिंह के प्रमुख सुझाव
- ‘रज़ा लाइब्रेरी स्ट्रीट’ और हेरिटेज ट्रेल्स: मंडलायुक्त ने कला और साहित्य से जुड़ी गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए शहर में ‘रज़ा लाइब्रेरी स्ट्रीट’ विकसित करने और ‘हेरिटेज ट्रेल्स’ शुरू करने का दूरदर्शी सुझाव दिया, जिससे पर्यटन और स्थानीय संस्कृति को नई पहचान मिल सके।
- युवाओं की रचनात्मकता को प्रोत्साहन: उन्होंने कहा कि कला और कविता मानवीय संवेदनाओं को अभिव्यक्त करने के सबसे सशक्त माध्यम हैं। इस तरह के आयोजनों से युवाओं की रचनात्मक प्रतिभा को निखारने का अवसर मिलता है।
- मानवीय संवेदनाओं की समानता: कमिश्नर ने प्रदर्शनी को रामपुर के लिए गौरव का विषय बताते हुए कहा कि इसमें प्रदर्शित साहित्यिक उद्धरण भाषा और संस्कृति की सीमाओं से परे मानवीय भावनाओं की सार्वभौमिकता को दर्शाते हैं।
प्रदर्शनी की मुख्य विशेषताएं
कमिश्नर संगीता सिंह ने प्रदर्शनी में रामपुर में जन्मे प्रसिद्ध चित्रकार यासीन ख़ान की कलात्मक दृष्टि, कविता और चित्रकला के अनूठे संबंधों का अवलोकन किया।
- वैश्विक कला यात्रा: प्रदर्शनी में यासीन ख़ान की रामपुर से मुंबई, इटली और पेरिस तक की यात्रा के माध्यम से भारतीय और यूरोपीय कला एवं साहित्य के संगम को प्रदर्शित किया गया है।
- महान साहित्यकारों का योगदान: इसमें मिर्ज़ा ग़ालिब, रबींद्रनाथ टैगोर, पियर पाओलो पासोलिनी और फर्नांडो पेसोआ जैसे दिग्गज साहित्यकारों के विचारों व उद्धरणों को शामिल किया गया है।
आयोजकों की सराहना
मंडलायुक्त संगीता सिंह ने ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण के साथ कला और रचनात्मक विचारों को जन-जन तक पहुँचाने के इस उद्देश्य की सराहना की और लाइब्रेरी के अधिकारियों व कर्मचारियों को बधाई दी।
कार्यक्रम का संचालन श्रीमती शाज़िया हसन ने किया। इस अवसर पर अनेक विद्वान, साहित्यप्रेमी, मीडिया प्रतिनिधि और सीआईएसएफ के सदस्य उपस्थित रहे।
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