जामिया मिलिया इस्लामिया के लॉ फैकल्टी में “100 दिन बाल विवाह मुक्त भारत” पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

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जामिया मिलिया इस्लामिया की लॉ फैकल्टी में DLSA साकेत और NALSA के सहयोग से बाल विवाह निषेध अधिनियम और नि:शुल्क विधिक सेवाओं पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

नई दिल्ली, 14 जनवरी 2026: जामिया मिलिया इस्लामिया के लॉ फैकल्टी ने साकेत कोर्ट कॉम्प्लेक्स की साउथ-ईस्ट डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी (DLSA) के सहयोग से नालसा की योजना ‘आशा’ (जागरूकता, समर्थन, सहायता एवं कार्रवाई) के तहत महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के “100 दिन – बाल विवाह मुक्त भारत” अभियान के अंतर्गत “बाल विवाह निषेध अधिनियम (PCMA) एवं निःशुल्क विधिक सेवा” पर सफल जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया।

कार्यक्रम की शुरुआत लॉ फैकल्टी के डीन डॉ. गुलाम याजदानी के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने कानूनी शिक्षा और जागरूकता की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि बाल विवाह जैसी गहरी सामाजिक कुरीतियों का समाधान करने में कानून छात्रों और शैक्षणिक संस्थानों की जिम्मेदारी है। उन्होंने सामाजिक सुधार में योगदान और हाशिए पर रहने वाले समुदायों के लिए न्याय की पहुंच सुनिश्चित करने पर बल दिया।

इसके बाद मुख्य अतिथि मिस प्रियंका रैना, साउथ-ईस्ट दिल्ली लीगल सर्विसेज अथॉरिटी की लीगल एड काउंसल ने लीगल सर्विसेज अथॉरिटीज की भूमिका, भारत में निःशुल्क कानूनी सहायता के महत्व तथा 2006 के बाल विवाह निषेध अधिनियम के प्रावधानों पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने रोकथाम, संरक्षण और उपचारात्मक उपायों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि निःशुल्क कानूनी सेवाएं बाल विवाह के मामलों की पहचान, रोकथाम और निवारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उनके व्याख्यान ने छात्रों को कानून के व्यावहारिक पहलुओं और बच्चों-महिलाओं के अधिकारों की रक्षा से परिचित कराया।

कार्यक्रम में उसके बाद प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित हुआ, जिसमें मिस प्रियंका रैना ने छात्रों व शोधार्थियों के सवालों के विस्तृत उत्तर दिए। सत्र में सक्रिय भागीदारी रही और बाल विवाह रोकथाम, वैधानिक उपायों तथा निःशुल्क सेवाओं की चुनौतियों पर गहन चर्चा हुई।

कार्यक्रम का संचालन तीसरे वर्ष बीए एलएलबी के छात्र मिस खुशी अनवर और मुहम्मद शाघिल अंसारी ने कुशलतापूर्वक किया, जिससे आयोजन सुचारू रूप से चला।

समापन पर धन्यवाद ज्ञापन के दौरान डीन डॉ. गुलाम याजदानी, चीफ प्रॉक्टर व लीगल एड कमिटी कोऑर्डिनेटर डॉ. असद मलिक तथा कार्यक्रम कोऑर्डिनेटर डॉ. आलिशा खातून को उनके मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया गया। अतिथियों को डीन ने पौधे भेंट कर सम्मानित किया, जो बाल विवाह मुक्त समाज के लिए विकास, जिम्मेदारी और आशा का प्रतीक है।

यह कार्यक्रम लॉ फैकल्टी की कानूनी जागरूकता, सामाजिक न्याय और समुदाय-उन्मुख कानूनी शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराता है।

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