चीन की बेइदोऊ (BeiDou) नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम ने दुनिया भर में अमेरिकी जीपीएस के 30 साल के नियंत्रण को समाप्त कर दिया। इजरायल युद्ध के बाद ईरान ने जीपीएस प्रणाली का उपयोग पूरी तरह से बंद कर दिया है।
ईरान ने सीमा और हवाई नेविगेशन के लिए चीनी जीपीएस सिस्टम बेइदोऊ का इस्तेमाल करना भी शुरू कर दिया है। पूरे ईरान में अमेरिकी जीपीएस सिग्नल पूरी तरह से ब्लॉक कर दिए गए हैं।
हैरानी की बात है कि इस बारे में कोई बात नहीं कर रहा है। अमेरिका ने 30 साल तक जीपीएस सिस्टम के जरिए पूरी दुनिया पर नियंत्रण रखा था। अमेरिका जब चाहे सैटेलाइट सिस्टम को बंद कर सकता था।
ईरान भी तीन दशकों से अमेरिकी जीपीएस सिस्टम का इस्तेमाल कर रहा था। इस तरह पूरे ईरान पर अमेरिका का नियंत्रण था।
यह पाया गया कि ईरान को इजरायल के साथ युद्ध में सैन्य अभियानों और मिसाइल मार्गदर्शन के लिए जीपीएस की आवश्यकता थी।
अमेरिका इन उपग्रहों को कभी भी बंद कर सकता था जो ईरान के लिए रक्षा के दृष्टिकोण से यह बेहद खतरनाक था।
हालाँकि अब चीन का बेइदोऊ (BeiDou) सिस्टम गेम चेंजर साबित हुआ है। मौजूदा दौर में इस चीनी “बेइदोऊ” सिस्टम को जीपीएस से भी ज्यादा कारगर माना जा रहा है।
दुनिया के अधिकांश देश अब बेइदोउ प्रणाली को विश्वसनीय मान रहे हैं, जिसने दुनिया भर में अमेरिकी उपग्रह जीपीएस के 30 साल के शासन को समाप्त कर दिया है।
वर्तमान में “बेइदोऊ” प्रणाली का उपयोग दुनिया भर के 140 से अधिक देशों में किया जा रहा है। अब उपग्रहों या जीपीएस के माध्यम से दुनिया पर अमेरिका का नियंत्रण कम होता जा रहा है।
चीनी “बेइदोऊ” प्रणाली ने दुनिया भर में अमेरिकी जीपीएस के 30 साल के नियंत्रण को समाप्त कर दिया है।
- Jamia’s RCA Shines: 38 Students Clear UPSC 2025 with 4 in Top 50

- ईरान-इजरायल युद्ध: ट्रम्प प्रशासन को लगा दोहरा झटका; बेन गुरियन एयरपोर्ट पर भीषण हमला और हथियारों की भारी कमी

- UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 के परिणाम घोषित: राजस्थान के डॉ. अनुज अग्निहोत्री ने किया देश में टॉप

- JIH President Condemns US-Israel Aggression on Iran, Warns Against Wider Gulf War

- ईरान का इज़राइल पर बड़ा मिसाइल हमला: तेल अवीव सहित मध्य इज़राइल में भारी विस्फोट, आपातकाल घोषित

