प्रसव पीड़ा से तड़पती रही गर्भवती, सीएचसी स्टाफ पर ₹5 हजार मांगने और धक्के देकर निकालने का आरोप

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प्रसव पीड़ा से तड़पती रही गर्भवती, सीएचसी स्टाफ पर ₹5 हजार मांगने और धक्के देकर निकालने का आरोप
  • कुरावली सीएचसी की नर्सों पर अभद्रता व वसूली का आरोप
  • सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस से शिकायत

मैनपुरी(सिराज हुसैन): मैनपुरी के सरकारी अस्पताल में एक गर्भवती महिला को इलाज न मिलने और परिजनों से अभद्रता का मामला सामने आया है। कुरावली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में तैनात नर्सों और स्टाफ पर डिलीवरी कराने के नाम पर 5,000 रुपये मांगने, गाली-गलौज करने और परिजनों को धक्के देकर बाहर निकालने का आरोप लगा है। घटना का वीडियो शुक्रवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। पीड़िता ने थाना कुरावली में लिखित शिकायत देकर दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की है।

पहले बिना इलाज लौटाया, फिर मांगने लगे पैसे

कुरावली के वेदन टोला निवासी सुमन (पत्नी स्व. जगदीश) ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वह अपनी गर्भवती बेटी शिवानी को प्रसव पीड़ा होने पर सीएचसी लेकर गई थीं। आरोप है कि ऑन-ड्यूटी नर्स इंदु ने यह कहकर उन्हें लौटा दिया कि अभी डिलीवरी का समय नहीं हुआ है। इसके बाद घर लौटते ही बेटी की स्थिति और बिगड़ गई।

सुमन के अनुसार, 6 अक्टूबर की रात करीब 9 बजे वह दोबारा बेटी को सीएचसी लेकर पहुंचीं। आरोप है कि वहां मौजूद नर्स इंदु, गुड़िया और विनीता ने प्रसव कराने के बदले 5,000 रुपये की रिश्वत मांगी। जब सुमन ने आर्थिक तंगी का हवाला देकर रुपये देने से असमर्थता जताई, तो कर्मचारियों ने कथित तौर पर कहा कि यह पैसा अस्पताल अधीक्षक के पास जाता है।

विरोध करने पर अभद्रता और धक्का-मुक्की

पीड़िता का आरोप है कि रुपये देने से इनकार करने पर कर्मचारियों ने गर्भवती महिला को अस्पताल के गेट से बाहर कर दिया। परिजनों के विरोध करने पर उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की धमकी दी गई। पीड़िता का दावा है कि यह पूरी घटना परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में दर्ज है।

निजी अस्पताल में करानी पड़ी डिलीवरी

बेटी को तड़पता देख पीड़िता ने डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी। इसके बाद गंभीर हालत में प्रसूता को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां मोटी रकम खर्च कर डिलीवरी करानी पड़ी। पीड़िता ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।