रामपुर (उत्तर प्रदेश): रक्षाबंधन के पावन पर्व पर रामपुर के जिलाधिकारी (DM) अजय कुमार द्विवेदी का एक बेहद संवेदनशील और दिल को छू लेने वाला रूप सामने आया है। अपने कर्तव्य के चलते घर और परिवार से दूर रहने के कारण इस बार सगी बहनों से राखी न बंधवा पाने का मलाल व्यक्त करते हुए उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी भावनाएं साझा कीं। उन्होंने लिखा कि रामपुर की नन्हीं बच्चियों ने उन्हें रक्षासूत्र बांधकर इस त्यौहार को बेहद खास और यादगार बना दिया।
“अब रामपुर भी मेरा परिवार”
जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक बेहद भावुक संदेश साझा करते हुए लिखा:
“घर से दूर हैं… परिवार की बहनों से तो इस बार राखी नहीं बंधवा पाएंगे, लेकिन उनका प्यार और आशीर्वाद हमेशा हमारे साथ रहेगा। पर मेरा परिवार अब रामपुर भी है, जहाँ स्कूली बच्चियों ने राखी बाँधकर और तिलक लगाकर भाई-बहन के इस पावन रिश्ते को और भी खास बना दिया।”
मासूमों ने बांधा रक्षासूत्र, DM ने दिया सुरक्षा और स्नेह का वचन
रक्षाबंधन के अवसर पर जब जिले की स्कूली बच्चियां जिलाधिकारी से मिलने पहुंचीं, तो माहौल पूरी तरह आत्मीयता और उत्सव के रंगों से भर गया। मासूम बच्चियों ने DM अजय कुमार द्विवेदी के माथे पर तिलक लगाया और उनकी कलाई पर रक्षासूत्र बांधा।
जिलाधिकारी ने भी एक अभिभावक और बड़े भाई का फर्ज निभाते हुए सभी बच्चियों का मुंह मीठा कराया, उन्हें स्नेह व उपहार दिए और जिले की सभी बेटियों की सुरक्षा, संवर्धन और उज्ज्वल भविष्य का संकल्प दोहराया।
सोशल मीडिया पर खूब सराहा जा रहा प्रशासनिक जुड़ाव
कलेक्टर के इस मानवीय और संवेदनशील अंदाज की सोशल मीडिया पर जमकर तारीफ हो रही है। लोग जिलाधिकारी के इस संदेश को न सिर्फ एक प्रशासनिक अधिकारी का बड़प्पन मान रहे हैं, बल्कि इसे रामपुर की जनता के साथ उनके प्रगाढ़ और पारिवारिक जुड़ाव के रूप में देख रहे हैं।
- अखिलेश यादव ने रामपुर जेल में आजम खान से मुलाकात की, बोले- ‘आज़म थे, आज़म हैं, आज़म रहेंगे’

- ओपी राजभर का बड़ा बयान: ‘पैसा कमाया अखिलेश यादव ने और जेल गए आजम खान’

- फर्जी शिकायत से मतदाता का नाम कटवाने पर एक साल तक जेल और जुर्माना

- अखिलेश यादव 22 अक्टूबर को रामपुर दौरे पर: जेल में आजम खान से करेंगे मुलाकात, परिवार से भी मिलेंगे

- स्वार विधायक शफीक अंसारी की वाल्मीकि समाज पर टिप्पणी विवाद: विरोध के बाद माफी, लेकिन सवाल बना

- स्वार विधायक शफीक अहमद अंसारी के खिलाफ वाल्मीकि समाज में आक्रोश, आयोग में शिकायत और आंदोलन की चेतावनी

