नई दिल्ली, 30 जनवरी: दिल्ली भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्री वीरेंद्र सचदेवा ने जल बोर्ड के अधिकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई का समर्थन करते हुए अरविंद केजरीवाल और उनकी पूर्ववर्ती सरकार पर तीखा हमला बोला है। सचदेवा ने कहा कि वर्तमान भाजपा सरकार जनता के अधिकारों के प्रति संवेदनशील है और कर्तव्य में लापरवाही बरतने वाले किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।
औचक निरीक्षण और कार्रवाई का स्वागत
दरअसल, दिल्ली के जल मंत्री श्री प्रवेश साहिब सिंह ने दिल्ली जल बोर्ड के क्षेत्रीय जेड.आर.ओ. (ZRO) कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान जनता से न मिलने और ड्यूटी से नदारद रहने की शिकायतों की पुष्टि होने पर मंत्री ने तीन अधिकारियों के निलंबन की सिफारिश की। सचदेवा ने इस कदम को ‘अफसरशाही के लिए सख्त संदेश’ बताते हुए कहा कि जनहित सर्वोपरि है।
केजरीवाल सरकार की मंशा पर उठाए सवाल
सौरभ भारद्वाज के बयानों पर पलटवार करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा, “सेवा नियम आज भी वही हैं जो पहले थे। अंतर केवल नीयत का है। अरविंद केजरीवाल और उनके मंत्री अधिकारियों के निलंबन की शक्ति इसलिए चाहते थे ताकि वे अफसरों को डरा-धमकाकर अपने भ्रष्टाचार पर पर्दा डाल सकें।”
उन्होंने आगे कहा कि भाजपा सरकार के मंत्री केवल उन्हीं अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की सिफारिश कर रहे हैं जो या तो भ्रष्टाचार में लिप्त हैं या जनता के काम में बाधा डाल रहे हैं।
पुरानी घटनाओं का जिक्र: अंशु प्रकाश और शकुंतला गेमलिन मामला
सचदेवा ने केजरीवाल सरकार के कार्यकाल के दौरान हुए विवादों को याद दिलाते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी का ट्रैक रिकॉर्ड अधिकारियों के प्रति अपमानजनक रहा है। उन्होंने कहा:
- मुख्य सचिव विवाद: तत्कालीन मुख्य सचिव अंशु प्रकाश के साथ हुई मारपीट की घटना ने लोकतांत्रिक मर्यादाओं को तार-तार किया था।
- महिला अधिकारी का अपमान: वरिष्ठ महिला अधिकारी श्रीमती शकुंतला गेमलिन को जिस तरह पदमुक्त किया गया, वह उनकी कार्यशैली को दर्शाता है।
“ये घटनाएं गवाह हैं कि केजरीवाल सरकार को अधिकारियों के निलंबन का अधिकार क्यों नहीं दिया जाना चाहिए था। जो सरकार खुद भ्रष्टाचार में डूबी हो, वह निष्पक्ष जांच की राह में रोड़ा बनने वाले ईमानदार अफसरों को ही निशाना बनाती थी।” — वीरेंद्र सचदेवा
भाजपा अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार का लक्ष्य दिल्ली की जनता को पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन देना है। उन्होंने चेतावनी दी कि जो अधिकारी अपनी कुर्सी का दुरुपयोग करेंगे या जनता की शिकायतों की अनदेखी करेंगे, उन्हें कानूनन दंडित किया जाएगा।
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