लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 31 के तहत सख्त कार्रवाई का प्रावधान
रामपुर: मतदाता सूची से किसी पात्र व्यक्ति का नाम हटाने के लिए फर्जी या झूठी शिकायत करना अब भारी पड़ सकता है। फॉर्म-7 में गलत जानकारी देने, झूठी घोषणा करने या फर्जी शिकायत दर्ज कराने पर दोषी पाए जाने पर एक साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है।
निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत प्रशासन ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण में पारदर्शिता बनाए रखने और राजनीतिक या व्यक्तिगत रंजिश में नाम कटवाने की कोशिशों पर अंकुश लगाने के लिए सख्ती बरतने की बात कही है। मतदाता सूची के पुनरीक्षण का काम इन दिनों चल रहा है। इसके तहत फॉर्म-6 और फॉर्म-7 भरे जा रहे हैं।
जिला मजिस्ट्रेट एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अजय कुमार द्विवेदी के अनुसार, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत मतदाता सूची तैयार करने, संशोधित करने या उसमें सुधार से संबंधित जानबूझकर दिए गए झूठे बयान और असत्य घोषणा पर दंड का प्रावधान है। फॉर्म-7 भरते समय शिकायतकर्ता को विशेष सावधानी बरतनी होगी। बिना ठोस आधार के किसी मतदाता के नाम पर आपत्ति दर्ज कराना या जानबूझकर गलत तथ्य देना कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है।
डीएम ने स्पष्ट किया कि फॉर्म-7 का इस्तेमाल मतदाता सूची में दर्ज किसी नाम को हटाने या नाम शामिल करने पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए किया जाता है। इसका उद्देश्य मृतक, स्थानांतरित हो चुके अथवा अन्य निर्धारित कारणों से अपात्र मतदाताओं के नामों की जांच कर सूची को शुद्ध करना है। यदि इस प्रक्रिया का इस्तेमाल किसी पात्र मतदाता का नाम हटाने के लिए किया जाता है तो मामला गंभीर हो सकता है।
नवंबर में चार दिन चलेगा विशेष अभियान
मतदाता सूची में नाम जुड़वाने, हटवाने और संशोधन कराने के लिए नवंबर में चार दिन विशेष अभियान चलाया जाएगा। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर अर्हता तिथि 1 जनवरी 2027 के आधार पर निर्वाचक नामावलियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण-2027 के तहत 21, 22, 28 और 29 नवंबर को यह अभियान चलेगा।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी आनंद कुमार सिंह ने बताया कि विशेष अभियान के दौरान सभी मतदान केंद्रों पर पदाभिहित अधिकारी और आवश्यक स्टाफ मौजूद रहेगा। मतदाताओं की सुविधा के लिए प्रत्येक मतदान केंद्र पर हेल्प डेस्क बनाए जाएंगे। यहां फॉर्म-6, 6ए, 7 और 8 पर्याप्त संख्या में उपलब्ध रहेंगे। इनके माध्यम से मतदाता सूची में नाम शामिल कराने, नाम हटवाने और विवरण में संशोधन के लिए आवेदन किया जा सकेगा।
अभियान का प्रचार-प्रसार प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया के साथ शहरी क्षेत्रों में लाउडस्पीकर तथा ग्रामीण क्षेत्रों में डुगडुगी के माध्यम से किया जाएगा। संबंधित अधिकारियों को अभियान का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने, मतदान केंद्रों का निरीक्षण करने और प्रतिदिन समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने पात्र नागरिकों से निर्धारित तिथियों में मतदान केंद्र पहुंचकर मतदाता सूची के अनुसार नाम जांचने और जरूरत पड़ने पर दावा या आपत्ति प्रस्तुत करने की अपील की है।
मतदाता सूची की शुद्धता जरूरी, लेकिन प्रक्रिया का पालन अनिवार्य
डीएम अजय कुमार द्विवेदी ने कहा, “मतदाता सूची में नाम हटाने या आपत्ति दर्ज कराने के लिए निर्धारित प्रक्रिया का ही पालन करें। फॉर्म-7 में केवल सही, सत्यापित और प्रामाणिक जानकारी दें। मतदाता सूची की शुद्धता जरूरी है, लेकिन किसी पात्र मतदाता का नाम गलत तरीके से हटवाने की कोशिश कानून के दायरे में कार्रवाई का आधार बन सकती है।”
- फर्जी शिकायत से मतदाता का नाम कटवाने पर एक साल तक जेल और जुर्माना

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