Globaltoday.in| रईस अहमद | रामपुर
उत्तराखंड की सीमा से सटे रामपुर के मसवासी क्षेत्र में पिछले 3 हफ्ते से आतंक का पर्याय बना तेंदुआ आखिर वन विभाग की कैद में आ गया
तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग ने पिंजरा लगा दिया था जिसमें आखिर तेंदुआ आ गया। तेंदुए के पकड़े जाने के बाद क्षेत्रवासियों ने राहत की सांस ली है।
उत्तराखंड के जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क से कुछ ही दूरी पर रामपुर जिले के मसवासी क्षेत्र में पिछले तीन हफ्तों से तेंदुए के होने की खबर से दहशत फैली हुई थी। लोग खेतों में जाने से डर रहे थे और अकेले घरों से निकलते हुए खौफ में रहते थे।
तेंदुए से परेशान थे लोग
वन विभाग के अधिकारियों ने स्थल का निरीक्षण किया तो उनको भी तेंदुए के पैरों के निशान मिले थे। जिसके बाद सतर्कता बरतते हुए वन विभाग ने तेंदुआ पकड़ने के लिए पिंजरा लगा दिया। पिछले 15 दिनों से चालाक तेंदुआ पिंजरे के आसपास जरूर आता था, लेकिन वह पकड़ मैं नहीं आता था।
इस बारे में जिला वन अधिकारी राजीव कुमार ने बताया,”15, 20 दिन पहले खेड़ा पार्सल गांव में तेंदुए की सूचना मिली थी। मैं खुद भी आया था और पंजे के निशान देखे थे, तेंदुआ ही था। हमने तुरंत मौके की गंभीरता को देखते हुए रेंजर की अध्यक्षता में टीम बनाई जो दिन-रात मौके की सघन चेकिंग और निगरानी कर रही थी। फिर हमने यहां पर तेंदुए के लिए पिंजरा लगवाया। 15,20 दिन हो गए थे पिंजरा लगाए हुए। तेंदुआ पिंजरे के आसपास घूम रहा था लेकिन आज हमें सफलता मिल गई है। आज तेंदुए को पकड़ लिया है इसका मेडिकल परीक्षण कराकर उच्च अधिकारियों का आदेश पर वे इसे जहां कहेंगे वहां छोड़ा जाएगा।
तेंदुआ पकड़े जाने से क्षेत्र वासियों ने राहत की सांस ली है। वन विभाग के अधिकारी लोगों को अब बेफिक्री से घरों से निकलने के लिए कह रहे हैं लेकिन क्षेत्रवासियों में अभी भी खौफ कम होने का नाम नहीं ले रहा लोगों का मानना है कि क्षेत्र में दो तेंदुए देखे गए थे जबकि अपने जिले में केवल एक ही तेंदुआ पकड़ा गया है उनको डर है कि अभी एक और तेंदुआ भी मौजूद हो सकता है।
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