अयोध्या में होम स्टे संचालकों की मौज, दो लाख रुपये मासिक तक हो रही कमाई

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अयोध्या, 16 फरवरी: पुराने समय और आज की अयोध्या में बहुत बदलाव आ चुका है। अब भव्य मंदिर में विराजमान रामलला के दर्शन का हर कोई दीवाना दिख रहा है। दूर-दूर से लोग अपने आराध्य के दर्शन के लिए चले आ रहे हैं। उनके आने से अयोध्यावासी भी बेहद खुश नजर आ रहे हैं। व्यापार चमक गया है, खास तौर पर होम स्टे वालों का। संचालकों की अब मौज है। बड़ी संख्या में लोग होम स्टे बुक करा रहे हैं। अधिकृत ऐप के माध्यम से अब तक 69 लाख लोग होम स्टे बुक करा चुके हैं।

अयोध्या के भव्य राम मंदिर में 22 जनवरी 2024 को प्राण प्रतिष्ठा के बाद रामलला के दर्शन को आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है। हर कोई अयोध्या पहुंचकर रामलला के प्रति अपनी श्रद्धा निवेदित कर रहा है। इसके अलावा, लोग आस-पास के पर्यटन स्थलों पर भी पहुंच रहे हैं। प्रदेश की योगी सरकार भविष्य की अयोध्या का अंदाजा लगाते हुए स्थानीय लोगों के लिए एक योजना लेकर आई थी। वह है होम स्टे। इसमें न सिर्फ दर्शनार्थियों की सहूलियत देखी गई, बल्कि स्थानीय लोगों को भी लाभ पहुंचाने पर काम शुरू हुआ।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मानना था कि अयोध्या में आने वाले लोगों के जरिए ही स्थानीय लोगों की भी आमदनी हो। आज उसी का नतीजा है कि महाकुंभ के दौरान अयोध्या पहुंचे अमूमन श्रद्धालुओं ने होम स्टे में ठहरना ही मुनासिब समझा। संचालकों का मानना है कि शुरुआत के दिनों में महीने में 40 से 50 हजार रुपये की आमदनी होती थी, लेकिन अब लाखों रुपये में कमाई हो रही है।

अयोध्या विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अश्वनी पांडेय ने बताया कि अयोध्या में दिनों-दिन श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती जा रही है। अयोध्या में होम स्टे के संचालन के बाद श्रद्धालुओं को ठहरने में बड़ी राहत मिली है।

होम स्टे में ठहर रहे श्रद्धालु

अयोध्या में होम स्टे रजिस्ट्रेशन का कार्य 26 दिसंबर 2022 से किया गया। वर्तमान में 1,136 भवनों को होम स्टे के रूप में पंजीकृत किया जा चुका है। पंजीकृत होम स्टे में सरलतापूर्वक बुकिंग के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के द्वारा 14 जनवरी 2024 को अयोध्या विकास प्राधिकरण द्वारा विकसित दिव्य अयोध्या ऐप लॉन्च किया गया था। आईओएस और एंड्रॉयड पर भी दिव्य अयोध्या ऐप उपलब्ध है।

दिव्य अयोध्या ऐप के माध्यम से पर्यटक/श्रद्धालु होम स्टे की ऑनलाइन बुकिंग कर सकते हैं। दिव्य अयोध्या ऐप के अलावा अयोध्या विकास प्राधिकरण द्वारा ‘यात्राधाम डॉट कॉम’, ‘ईज माई ट्रिप डॉट कॉम’ को दिव्य अयोध्या ऐप से इंटीग्रेट किया गया है, जिससे भविष्य में बुकिंग और बढ़ने की संभावना है। अयोध्या में होम स्टे 1500-2500 रुपये तक में मिल जाते हैं।

नाका बाईपास के निकट हरिओम होम स्टे के संचालक पंकज मिश्र ने बताया कि उनके पिताजी राजमणि मिश्र होम स्टे में आने वालों को अतिथि नहीं बल्कि घर के लोगों की तरह मानते हैं। सुबह पहुंचने वालों को पानी के साथ मीठा और शाम की चाय मुफ्त देते हैं। अध्यात्म से जुड़े उनके पिता शाम के समय अतिथियों से बातचीत करते हैं। प्रभु राम और अयोध्या के बारे में बताते हैं। पंकज ने बताया कि 12 अक्टूबर 2023 में उनका होम स्टे पंजीकृत हुआ था। पहले प्रतिमाह 15-20 हजार रुपये की आमदनी थी, लेकिन इधर 50-60 हजार रुपये की आय हो जाती है। महाकुंभ मेला से पहले लगभग 25-30 हजार रुपये प्रतिमाह आमदनी थी।

महाकुंभ में बढ़ गई है आमदनी

अवध होम स्टे 15 जनवरी 2024 में पंजीकृत हुआ है। इसमें कुल पांच कमरे हैं। भवन के स्वामी अमरेश पाण्डेय बताते हैं कि योगी सरकार ने न सिर्फ अयोध्या चमका दिया बल्कि अयोध्या वासियों की किस्मत भी बदल दी। पहले प्रतिमाह 15 हजार रुपये आमदनी थी। अब 70-80 हजार रुपये प्रतिमाह है। महाकुंभ मेला के समय में 10-15 हजार रुपये आमदनी बढ़ गई है।

श्री राघव होम स्टे और वन्दना होम स्टे रानोपाली 15 जनवरी 2024 को पंजीकृत हुआ था। पहले प्रतिमाह 60 हजार रुपये की आमदनी थी। भवन स्वामी विमल श्रीवास्तव ने बताया कि महाकुंभ मेले में आमदनी 90 हजार से एक लाख रुपये हो गई है। आने वाले लोगों से अच्छा परिचय भी हो जाता है।

कलश होम स्टे का पंजीकरण जनवरी 2024 में हुआ है। भवन की स्वामी डॉ. सविता बताती हैं कि पहले होम स्टे से 80 हजार से एक लाख रुपये तक की आमदनी थी। महाकुंभ मेला के समय में यह आमदनी डेढ़ से दो लाख रुपये के बीच हो रही है। उन्होंने बताया कि योगी सरकार ने आमदनी का एक अच्छा जरिया दे दिया है।

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