क्रीड़ा भारती ने कहा, “सेवा, समरसता और संकल्प से भारत बना विश्व का खेल नेतृत्वकर्ता”
नई दिल्ली, 6 अक्टूबर: नई दिल्ली में संपन्न विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 ने भारत को खेल और मानवीय मूल्यों के संगम के रूप में विश्व मानचित्र पर नई पहचान दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पैरालंपिक कमिटी ऑफ इंडिया (PCI) ने इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन को न केवल सफल बनाया बल्कि “वसुधैव कुटुंबकम” के भारतीय आदर्श को साकार करते हुए इसे एकता, संवेदना और सेवा का वैश्विक उत्सव बना दिया।
भारत ने अपनी उत्कृष्ट मेजबानी के साथ यह साबित किया कि वह अब केवल खेल प्रतिभा का केंद्र नहीं, बल्कि विश्व स्तरीय आयोजनों का सशक्त नेतृत्वकर्ता है।
ऐतिहासिक प्रदर्शन, भारत की ‘पैरा शक्ति’ का जलवा
100 से अधिक देशों के एथलीट्स के बीच भारतीय पैरा खिलाड़ियों ने कमाल कर दिया। 73 खिलाड़ियों के दल ने कुल 22 पदक (6 स्वर्ण, 9 रजत और 7 कांस्य) जीतकर अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया। हर पदक ने यह संदेश दिया कि दिव्यांगता शरीर में नहीं, सोच में होती है और भारत की पैरा शक्ति ने हर सीमा को तोड़कर तिरंगे को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।
सेवा और सम्मान से जीता विश्व का दिल
100 से अधिक देशों के एथलीट्स के बीच भारतीय पैरा खिलाड़ियों ने कमाल कर दिया। 73 खिलाड़ियों के दल ने कुल 22 पदक (6 स्वर्ण, 9 रजत और 7 कांस्य) जीतकर अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया। हर पदक ने यह संदेश दिया कि दिव्यांगता शरीर में नहीं, सोच में होती है — और भारत की पैरा शक्ति ने हर सीमा को तोड़कर तिरंगे को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।
सेवा और सम्मान से जीता विश्व का दिल
इस आयोजन की पहचान केवल खेल नहीं, बल्कि भारतीय आतिथ्य, अनुशासन और संवेदना भी रही। 500 से अधिक स्वयंसेवकों, जिनमें स्पोर्ट्स कॉलेज छात्रों, एनसीसी कैडेट्स, मेडिकल विद्यार्थियों, आर्म्ड फोर्सेज और एनडीआरएफ कर्मियों का समर्पण शामिल रहा, ने यह सुनिश्चित किया कि हर अतिथि को सर्वोत्तम अनुभव मिले। विदेशी खिलाड़ियों और कोचों ने कहा, “भारत ने दिल जीत लिया।”
नेतृत्व और संगठन का उत्कृष्ट उदाहरण
PCI अध्यक्ष देवेंद्र झांझरिया और निदेशक सत्य बाबू के मार्गदर्शन में इस आयोजन ने विश्व स्तर की तैयारी और संगठन क्षमता का परिचय दिया। खेल मंत्रालय, SAI, विदेश मंत्रालय और दिल्ली सरकार के तालमेल ने भारत के समन्वित नेतृत्व को दर्शाया। यह आयोजन भविष्य में ओलंपिक जैसे भव्य आयोजनों की मेजबानी की दिशा में भारत के आत्मविश्वास को मजबूत करता है।
क्रीड़ा भारती की राष्ट्रसेवा भावना
क्रीड़ा भारती के 500 से अधिक स्वयंसेवकों ने 27 सितंबर से 5 अक्टूबर तक पूरी सक्रियता के साथ आयोजन में सहयोग दिया। उन्होंने “स्वस्थ भारत, समर्थ भारत, फिट इंडिया- हिट इंडिया” का संदेश फैलाया। क्रीड़ा भारती का मानना है कि खेल केवल शरीर नहीं, बल्कि चरित्र और राष्ट्र का भी निर्माण करते हैं। संगठन का संदेश रहा- “खेलो, मुस्कुराओ और बढ़ाओ भारत की शान।”
भारत की खेल यात्रा का नया अध्याय
विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 ने भारत की वैश्विक खेल यात्रा का नया द्वार खोला है। भारत ने दुनिया को बताया कि खेल सिर्फ प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि सौहार्द, साहस और सेवा की भावना का उत्सव हैं।यह ऐतिहासिक आयोजन आने वाले वर्षों में भारत को “विश्व खेल राजधानी” बनाने की दिशा में एक ठोस कदम साबित होगा।
