जौहर यूनिवर्सिटी की 38 इमारतों के ध्वस्तीकरण पर अंतरिम रोक बरकरार, मुरादाबाद मंडलायुक्त अदालत से राहत

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मुरादाबाद(मुनीर खान): मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी की 38 इमारतों को ढहाने के आदेश के खिलाफ दायर अपील पर गुरुवार (13 अगस्त) को मुरादाबाद मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह की अदालत में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। अदालत ने रामपुर जिलाधिकारी (DM) द्वारा दिए गए ध्वस्तीकरण आदेश पर लगाई गई अंतरिम रोक को अगली सुनवाई तक बरकरार रखा है।

मंडलायुक्त के इस फैसले के बाद फिलहाल जौहर यूनिवर्सिटी की इन 38 इमारतों पर किसी भी तरह की ध्वस्तीकरण या बुलडोजर की कार्रवाई नहीं की जा सकेगी, जिससे यूनिवर्सिटी प्रशासन को बड़ी राहत मिली है।

सुनवाई में क्या हुआ?

  • दलीलों पर विचार: अदालत में दोनों पक्षों (यूनिवर्सिटी प्रशासन और जिला प्रशासन) के वकीलों ने अपनी-अपनी दलीलें पेश कीं।
  • स्टे का विस्तार: मामले की गंभीरता और तर्कों को सुनने के बाद मंडलायुक्त ने 27 जुलाई को दिए गए अंतरिम स्टे (रोक) को आगे भी जारी रखने का आदेश दिया।
  • अगली सुनवाई तक राहत: जब तक इस मामले में अगला आदेश या सुनवाई नहीं हो जाती, तब तक यूनिवर्सिटी की इमारतों पर यथास्थिति बनी रहेगी।

क्या है पूरा मामला?

रामपुर जिला प्रशासन (DM कोर्ट) ने जौहर यूनिवर्सिटी परिसर में बनीं 38 इमारतों को नियमों के उल्लंघन और अवैध निर्माण का हवाला देते हुए ढहाने का आदेश दिया था। इस आदेश को चुनौती देते हुए यूनिवर्सिटी प्रशासन ने मुरादाबाद मंडलायुक्त की अदालत में अपील दायर की थी।

27 जुलाई को हुई पिछली सुनवाई में मंडलायुक्त ने ध्वस्तीकरण आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी थी, जिसे आज की सुनवाई के बाद भी बरकरार रखा गया है।

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