पेरिस: फ्रांस में स्कूलों की खराब हालत, शिक्षकों की कमी और कक्षाओं में बढ़ती भीड़ के खिलाफ छात्रों का आंदोलन उग्र हो गया है। पेरिस पुलिस प्रमुख पैट्रिस फॉर ने कहा कि छात्र आंदोलन अब “नियंत्रण से बाहर” हो चुका है और प्रदर्शनकारियों से हिंसा व स्कूलों की घेराबंदी छोड़कर शांतिपूर्ण तरीके अपनाने की अपील की।
शुक्रवार को फ्रांस के कई हिस्सों में हाईस्कूल छात्रों और दंगा-रोधी पुलिस के बीच झड़पें हुईं। राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की सरकार पर शिक्षा व्यवस्था के लिए पर्याप्त फंडिंग नहीं करने के आरोप लग रहे हैं। शिक्षक यूनियनों ने भी हड़ताल का आह्वान किया है।
पुलिस के मुताबिक, सोमवार से अब तक देशभर में करीब 5,000 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें अधिकांश किशोर हैं। इस दौरान दर्जनों लोग घायल हुए हैं, जबकि राष्ट्रीय पुलिस की प्रवक्ता अगाथ फूको ने बताया कि 600 से अधिक पुलिसकर्मी भी चोटिल हुए हैं।
पुलिस प्रमुख फॉर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर खुले पत्र में कहा कि आंदोलन शुरू करने वाले छात्र अब इस पर नियंत्रण नहीं रख पा रहे हैं। उन्होंने अभिभावकों से भी बच्चों को कथित “पेशेवर दंगाइयों” और उनके समर्थकों के प्रभाव से दूर रखने की अपील की।
छात्र संगठनों ने मंगलवार को राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन का आह्वान किया है। सुरक्षा एजेंसियों को खासतौर पर मध्य पेरिस में हिंसा बढ़ने की आशंका है, क्योंकि अधिकारियों को डर है कि वामपंथी अराजकतावादी समूह इस आंदोलन का फायदा उठा सकते हैं।
प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि स्कूलों में कक्षाएं जरूरत से ज्यादा भरी हुई हैं, शिक्षकों की नियमित कमी रहती है और कई इमारतें जर्जर हालत में हैं। उनका आरोप है कि वर्षों से शिक्षा क्षेत्र में निवेश की अनदेखी की गई है।
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