नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 157वीं जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित की और उनके सत्य, अहिंसा तथा स्वच्छता के संदेश को याद किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर उन्हें भी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने विजय घाट पहुंचकर शास्त्री जी की समाधि पर पुष्प अर्पित किए और देश के प्रति उनके योगदान को स्मरण किया।
इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू समेत कई गणमान्य लोगों ने भी महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि दी। विभिन्न राज्यों में गांधी जयंती के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें सत्य, अहिंसा और स्वच्छता के संदेश को प्रमुखता दी गई।
राष्ट्रपति मुर्मू ने गांधी जी को किया याद
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि मौजूदा वैश्विक चुनौतियों के बीच गांधी जी के सत्य और अहिंसा के सिद्धांत पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक हैं। उन्होंने कहा कि गांधी जी के आदर्श देश और पूरी दुनिया को शांति, करुणा और सद्भाव की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।
राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि भारत वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए गांधी जी के मानवतावादी और जनकल्याणकारी विचार मार्गदर्शक बने रहेंगे।
देशभर में हुए कार्यक्रम
प्रधानमंत्री मोदी के अलावा उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय मंत्रियों और अन्य नेताओं ने भी महात्मा गांधी तथा लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि दी।
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर में महात्मा गांधी को पुष्पांजलि अर्पित की और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को नमन किया। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कुरुक्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया और स्वच्छता के प्रति लोगों से प्रतिबद्ध रहने की अपील की।
केंद्र सरकार की ओर से 1 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक 30 दिवसीय स्वच्छता अभियान का भी आयोजन किया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश? [वेब सामग्री में नाम अस्पष्ट] ने सरकारी कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों, गैर-सरकारी संगठनों और आम लोगों से इस अभियान में भाग लेने का आग्रह किया।
गांधी और शास्त्री जयंती
महात्मा गांधी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में हुआ था। उनकी जयंती को संयुक्त राष्ट्र ने अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में मान्यता दी है।
भारत में 2 अक्टूबर को पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती भी मनाई जाती है। शास्त्री जी का जन्म 2 अक्टूबर 1904 को उत्तर प्रदेश के मुगलसराय में हुआ था। उन्होंने वर्ष 1964 से 1966 तक देश के प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया।
लाल बहादुर शास्त्री ने देश को ‘जय जवान, जय किसान’ का नारा दिया था। वर्ष 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान उनके नेतृत्व और सैनिकों तथा किसानों के योगदान को आज भी याद किया जाता है।
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