रामपुर(अरमान खान): रामपुर जिले के दो प्रमुख मार्गों पर सफर करना इन दिनों किसी बड़े खतरे से खाली नहीं है। रामपुर-शाहाबाद और मिलक-शाहाबाद मार्गों पर स्थित करीब 15 से 20 पुलियां इस समय बेहद जर्जर हालत में हैं। इस वजह से यहाँ से गुजरने वाले राहगीरों और वाहन चालकों के सिर पर हर वक्त दुर्घटना का साया मंडराता रहता है।
ग्रामीणों को सता रहा है बारिश का डर
स्थानीय निवासियों में इस स्थिति को लेकर गहरा रोष और डर है। ठिरिया गांव के रहने वाले विजयपाल और मथुरापुर के तेज सिंह ने बताया:”इन टूटी-फूटी पुलियों की वजह से यहाँ पहले भी कई छोटे-बड़े हादसे हो चुके हैं। अगर मानसून (बरसात) के आने से पहले इन पुलियों की मरम्मत नहीं कराई गई, तो स्थिति और भयावह हो जाएगी और लोगों का आना-जाना पूरी तरह ठप हो सकता है।”
पूर्व विधायक ने खोला मोर्चा, DM को लिखा पत्र
इस गंभीर समस्या को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पूर्व विधायक काशीराम दिवाकर ने मोर्चा संभाल लिया है। उन्होंने जिलाधिकारी (DM) को एक पत्र लिखकर इस मामले में तुरंत कार्रवाई करने की मांग की है।
पूर्व विधायक ने बताया कि रामपुर से शाहाबाद और रामपुर से मिलक तक के ये दोनों मार्ग लगभग 30 किलोमीटर लंबे हैं। राहत की बात सिर्फ इतनी है कि सड़कें तो अच्छी स्थिति में हैं, लेकिन इन पर बनीं 15 से 20 पुलियां बेहद खस्ताहाल हो चुकी हैं, जो कभी भी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती हैं।
अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप
पूर्व विधायक दिवाकर ने संबंधित विभाग के अधिकारियों पर लापरवाही का बड़ा आरोप भी लगाया है। उन्होंने कहा कि वह पहले भी कई बार लिखित और मौखिक रूप से अधिकारियों को इस समस्या से अवगत करा चुके हैं, लेकिन अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंगी।
उन्होंने सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि अगर समय रहते इन जर्जर पुलियों को ठीक नहीं किया गया और भविष्य में कोई अनहोनी होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग और उसके अधिकारियों की होगी।
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