महिला सुरक्षा प्रदर्शनों में वायरल नारे पर केंद्रीय मंत्री ने समाज से आत्ममंथन की अपील की; कहा—बेटियों का सम्मान केवल परिवार नहीं, पूरे समाज की जिम्मेदारी
भोपाल/नई दिल्ली: केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोशल मीडिया और महिला सुरक्षा प्रदर्शनों में वायरल हुए नारे ‘एक कचौड़ी, दो समोसा, इन मर्दों का क्या भरोसा’ पर गंभीर प्रतिक्रिया दी है।
भोपाल में शनिवार (3 अक्टूबर 2026) को आयोजित ‘नवगति’ एजुकेशन स्कॉलरशिप कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा, “आखिर ऐसी नौबत क्यों आई कि मेरी बेटियों को यह नारा लिखना पड़ रहा है।”
उन्होंने पूरे समाज से आत्ममंथन की अपील करते हुए कहा कि अगर बेटियां पुरुषों पर भरोसा नहीं कर पाएंगी, तो समाज और देश कैसे आगे बढ़ेगा। शिवराज ने स्पष्ट किया, “यह नारा कभी सार्थक और सफल नहीं होना चाहिए।”
महिला सुरक्षा को लेकर जिम्मेदारी का आह्वान
शिवराज ने इस मुद्दे को केवल परिवार तक सीमित न रखते हुए पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी बताया। उन्होंने कहा कि बेटियों का मान-सम्मान और सुरक्षा केवल परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है।
उन्होंने पुरुषों, बेटों और उनके माता-पिता से आत्ममंथन करने की अपील की और कहा कि कई बार बेटियों को गलत नजरों से देखने वाले लोग अनजान नहीं, बल्कि जान-पहचान के ही होते हैं।
X पर भी व्यक्त की चिंता
शिवराज सिंह चौहान ने अपने X अकाउंट पर भी इस मुद्दे पर पोस्ट शेयर किया:
“Why has the situation come to this, that our daughters have to chant slogans like ‘One kachori, two samosas’? We must think seriously about this.”aninews
उन्होंने आगे कहा, “We must take a resolve— We will respect our sisters and daughters, we will ensure their safety, and we will protect their rights.”
यह नारा हाल में दिल्ली और अन्य शहरों में महिला सुरक्षा प्रदर्शनों के दौरान सोशल मीडिया और प्रदर्शन स्थलों पर तेजी से वायरल हुआ है। महिलाएं और छात्राएं इस रचनात्मक और तुकबंदी वाले नारे के जरिए पुरुषों पर भरोसे की कमी और बढ़ते यौन उत्पीड़न के मामलों के खिलाफ अपना विरोध दर्ज करा रही हैं।
