ग्लोबलटुडे, 02 अक्तूबर -2019
शाहजहांपुर/ उत्तर प्रदेश: भगवा रंग इन दिनों सिर चढ़कर बोल रहा है । कहीं थाने भगवा रंग में रंग जा रहे हैं तो कहीं सरकारी अस्पताल भगवा रंग में रंगे जा रहे हैं। लेकिन यूपी के शाहजहांपुर में तो भगवा रंग पसंद करने वालों ने तो राष्ट्रपिता महात्मा गांधी(Gandhi) जी को ही भगवा रंग में रंग दिया।
गर्मायी राजनीति
गांधीजी की सफेद मूर्ति अब भगवा रंग देने को लेकर यहाँ उत्तर प्रदेश में राजनीति फिट गरमा गयी है। राष्ट्रपिता गाँधी जी की 150वीं जयंती पर यहाँ फिर से गाँधी जी की इस मूर्ती को सफ़ेद रंग देने की मांग उठायी जा रही है। इस इलाके के युवक गांधीजी को भगवा रंग से मुक्त करवाने की मांग कर रहे हैं।
क्या है पूरा मामला
दरअसल थाना बंडा के ढाका घनश्यामपुर गांव में सरकारी विद्यालय के सामने गांधी जी की सफेद रंग की प्रतिमा लगाई गई थी। लेकिन 1 साल पहले भगवा रंग को पसंद करने वाले लोगों ने गांधीजी के सफेद मूर्ति को भगवा रंग में रंग दिया और गांधी जी की ये मूर्ति भगवाधारी हो गई। जिस वक्त गांधी जी की प्रतिमा को भगवा रंग में रंगा गया था उस वक्त भी जमकर बवाल हुआ था। लेकिन 1 साल बीत जाने के बाद भी गांधी जी की प्रतिमा से भगवा रंग नहीं हटाया गया।
आज 2 अक्टूबर यानी गांधी जी के जन्मदिन के मौके पर इलाके के युवाओं ने मांग की है कि गांधी जी की प्रतिमा को भगवा रंग से मुक्त करके सफेद रंग में रंगा जाए। वैसे भी इन दिनों कांग्रेस पार्टी और भारतीय जनता पार्टी दोनों ही गांधी जी को अपना अपना बता बताकर राजनीति कर रहे हैं।
गौरतलब है कि जब दुनिया भर के लोग गांधी जी के चरित्र की तारीफें करते नहीं थक रहे यहाँ तक कि देश की दोनों बड़ी पार्टियों में भी गाँधी जी को अपना-अपना बनाने में होड़ लगी हुई है, वहीं कुछ भगवा धारियों ने गांधी जी को ही अपने रंग में रंग दिया।
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