नई दिल्ली, 12 सितंबर, 2025: जामिया मिल्लिया इस्लामिया के विधि संकाय की 2024 बैच की स्नातक आ़फरीन नाज़ को प्रतिष्ठित शेवनिंग छात्रवृत्ति से सम्मानित किया गया है। इस छात्रवृत्ति के तहत उन्हें विश्व प्रसिद्ध लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स एंड पॉलिटिकल साइंस (एलएसई) से एलएलएम की पढ़ाई करने का अवसर मिलेगा। यह छात्रवृत्ति ब्रिटेन सरकार द्वारा प्रदान की जाती है और दुनिया के सबसे प्रतिस्पर्धी अंतरराष्ट्रीय छात्रवृत्ति कार्यक्रमों में से एक मानी जाती है।
इस वर्ष 160 से अधिक देशों के एक लाख से ज्यादा उम्मीदवारों ने आवेदन किया था, जिनमें से केवल लगभग 1,000 का चयन हुआ। चयनित स्कॉलर्स को “भविष्य के वैश्विक लीडर्स और परिवर्तनकर्ताओं” के समूह का हिस्सा माना जाता है।
आ़फरीन की शैक्षणिक और पेशेवर यात्रा
आ़फरीन ने जामिया में पढ़ाई के दौरान नेतृत्व और सामाजिक बदलाव के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को साबित किया। उन्होंने भारत सरकार के विधि एवं न्याय मंत्रालय की पहल प्रो बोनो क्लब में संयोजक के तौर पर कार्य किया और न्याय तक पहुँच बढ़ाने के लिए कई प्रभावशाली कार्यक्रम संचालित किए। इसके अलावा, वे वीमेन’स इंडियन चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री-डेल्ही लीगल राइट्स कंसोर्टियम (WICCI-DLRC) की अध्यक्ष, ग्रिंसपायर वेलफेयर फाउंडेशन की मुख्य ऑपरेटिंग ऑफिसर और मालदीव मूट कोर्ट सोसाइटी में मूटिंग एडवोकेसी कार्यक्रमों की प्रमुख भी रही हैं।
राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर की मूट कोर्ट प्रतियोगिताओं में उनकी उपलब्धियाँ भी उल्लेखनीय रही हैं। पेशेवर स्तर पर वे भारतीय राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी), वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. प्रदीप राय के कार्यालय, लक्ष्मीकुमारन एंड श्रीधरन अटॉर्नीज सहित कई प्रमुख लॉ फर्मों और मानवाधिकार संगठनों से भी जुड़ी रही हैं।
आ़फरीन का संदेश
अपनी उपलब्धि पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए आ़फरीन ने कहा, “जामिया मिल्लिया इस्लामिया ने मेरे मूल्यों, कौशल और न्याय के प्रति प्रतिबद्धता को आकार देने में अहम भूमिका निभाई है। यह छात्रवृत्ति केवल शैक्षणिक उपलब्धि नहीं बल्कि मेरे गृह राज्य झारखंड और उससे आगे सकारात्मक बदलाव लाने की प्रतिबद्धता है।”
उन्होंने आगे कहा कि एलएलएम पूरा करने के बाद वे भारत लौटकर कानूनी नीति सुधारों, न्याय प्रणाली की कार्यकुशलता में सुधार और समाज में समानता व सम्मान सुनिश्चित करने वाली पहलों पर कार्य करना चाहती हैं।
जामिया की प्रतिक्रिया
विधि संकाय के डीन प्रो. (डॉ.) गुलाम यज़दानी ने आ़फरीन को बधाई देते हुए कहा,
“हमें उनकी उपलब्धि पर अत्यंत गर्व है। यह उनकी कड़ी मेहनत और लगन का परिणाम है, जिससे जामिया मिल्लिया इस्लामिया का गौरव बढ़ा है। संपूर्ण जामिया बिरादरी उनकी सफलता पर खुशी व्यक्त करती है और उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देती है।”
शेवनिंग छात्रवृत्ति के बारे में
यूके के फॉरेन, कॉमनवेल्थ एंड डेवलपमेंट ऑफिस (FCDO) द्वारा वित्तपोषित यह छात्रवृत्ति वैश्विक स्तर पर असाधारण शैक्षणिक उपलब्धियों वाले युवा नेताओं को प्रदान की जाती है। यह कार्यक्रम छात्रों की पूरी पढ़ाई, यात्रा, रहने का खर्च, वीजा शुल्क और अन्य आवश्यकताओं को कवर करता है।
- बंगाल चुनाव का पहला चरण: हिंसा और ईवीएम की खराबी के बीच रिकॉर्ड 92% मतदान

- ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से होगा ‘आतंकिस्तान’ का अंत: पहलगाम हमले की बरसी पर गरजे इंद्रेश कुमार

- Operation Sindoor to Continue Until ‘Terroristan’ is Eliminated: Indresh Kumar

- जामिया मिल्लिया इस्लामिया स्कूल का कक्षा 10वीं बोर्ड रिजल्ट घोषित, छात्राएं फिर आगे रहीं

- Jamia Millia Islamia Declares Class X Results: Girls Outshine Boys with 98.65% Pass Rate

- यूनानी तिब्बी कांग्रेस की बैठक: हकीम अजमल खान के विचारों को आगे बढ़ाने और जामिया में यूनानी कॉलेज की स्थापना पर ज़ोर

- रामपुर: ताहिर फराज की याद में सजी शायरी की महफिल, देश के दिग्गज शायरों ने बांधा समां

- 16 और 17 अप्रैल 2026: जब संसद में महिला आरक्षण बिल फिर गिरा, और कांग्रेस, सपा, डीएमके व INDIA गठबंधन जिम्मेदार बने

- ईरान को झुकाना नामुमकिन, सरकार गिराने का दुश्मन का सपना हुआ चकनाचूर: राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन

- Strategic Dialogue at Bihar Lok Bhavan: Governor Lt Gen Syed Ata Hasnain Meets with Indresh Kumar and Shahid Akhtar

- Haji Syed Salman Chishty Strengthens India-Russia Ties in Moscow Through Spiritual Diplomacy and Trade Talks

- लोकसभा में महिला आरक्षण (131वां संशोधन) विधेयक गिरा; दो-तिहाई बहुमत जुटाने में विफल रही सरकार

