अयोध्या दीपोत्सव में गूंजेगा एकता का संदेश: मुस्लिम कलाकार दानिश खान निभाएंगे श्रीराम का किरदार

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भगवान राम की नगरी अयोध्या में इस वर्ष दीपोत्सव का नौवां संस्करण सिर्फ रोशनी का त्योहार नहीं, बल्कि सर्वधर्म समभाव का प्रतीक बनकर उभर रहा है। इस महाकुंभ में बरेली के विंडरमेयर थिएटर की रामलीला विशेष चर्चा में है, क्योंकि इसमें राम का किरदार एक मुस्लिम कलाकार दानिश खान निभा रहे हैं।

भावनाओं से भरी अनूठी कहानी

पिछले आठ वर्षों से दानिश खान मर्यादा पुरुषोत्तम राम का किरदार निभाते आ रहे हैं। उनकी प्रस्तुति इतनी प्रभावशाली है कि दर्शक धर्म की सीमाओं को भूलकर उनकी कलाकारी के मुरीद हो जाते हैं। हाल ही में हुई रामलीला में भी दानिश के राम की भूमिका को दर्शकों ने भरपूर सराहना दी थी।

राष्ट्रीय गौरव का क्षण

उत्तर प्रदेश के संस्कृति विभाग ने पूरे देश से केवल बरेली की विंडरमेयर रामलीला का चयन किया है। दया दृष्टि चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. बृजेश्वर सिंह की कलात्मक उत्कृष्टता और भारतीय संस्कृति में योगदान की सराहना करते हुए उन्हें और रंग विनायक रंगमंडल के कलाकारों को अयोध्या आमंत्रित किया गया है।

अंतर्राष्ट्रीय मंच पर भारतीय संस्कृति

इस विशेष आयोजन में श्रीलंका, इंडोनेशिया, नेपाल और रूस की रामलीलाएं भी प्रस्तुत होंगी। रंगमंडल की टीम 18 अक्टूबर को अयोध्या के लिए रवाना होगी और 19 अक्टूबर को दीपोत्सव 2025 के मुख्य सांस्कृतिक कार्यक्रम में अपनी प्रस्तुति देगी। टीम प्रोडेक्शन मैनेजर अनुष्मा शर्मा के निर्देशन में यह ऐतिहासिक प्रस्तुति दी जाएगी।

कलात्मक उत्कृष्टता की पहचान

डॉ. बृजेश्वर सिंह की परिकल्पना पर आधारित यह रामलीला पंडित राधेश्याम कथावाचक की कृति, रामचरित मानस और उम्मीलाल दौडियाल की पहाड़ी रामलीला का अनूठा संगम है। इस संगीतमयी प्रस्तुति पर बनी डॉक्यूमेंट्री फिल्म कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सवों में सर्वश्रेष्ठ चुनी गई है।

विश्व स्तर पर रामकथा का प्रसार

अयोध्या के इस अंतर्राष्ट्रीय आयोजन में 90 विदेशी कलाकार भाग ले रहे हैं। रूस के 15 कलाकार स्वयंवर का दृश्य, थाईलैंड के 10 कलाकार राम-रावण युद्ध, इंडोनेशिया की टीम लंका दहन, नेपाल के 33 कलाकार लक्ष्मण पर शक्ति प्रदर्शन और श्रीलंका के 22 कलाकार रावणेश्वरा का दृश्य प्रस्तुत करेंगे।

डॉ. बृजेश्वर सिंह ने कहा कि यह चयन केवल विंडरमेयर के लिए ही नहीं, बल्कि बरेली के प्रत्येक रंगकर्मी के लिए गौरव की बात है। 17 से 20 अक्टूबर तक चलने वाला यह आयोजन न केवल रामलीला परंपरा को जीवंत रखेगा, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय संस्कृति और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों को विश्व स्तर पर प्रदर्शित करेगा।

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