मैनपुरी(सिराज हुसैन): जनपद के बेसिक शिक्षा विभाग से शिक्षामित्र चयन से जुड़ी 2143 फाइलें गायब होने का मामला सामने आया है। कुल 2169 शिक्षामित्रों के चयन की फाइलों में से विभाग के पास वर्तमान में सिर्फ 26 फाइलें ही उपलब्ध हैं। फाइलें न मिलने के कारण कोर्ट में मामला अटक गया है और अधिकारियों पर अवमानना का संकट खड़ा हो गया है। इस गंभीर लापरवाही पर जिलाधिकारी (डीएम) डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने सख्त रुख अपनाते हुए सेवानिवृत्त पटल सहायक प्रदीप चौहान के खिलाफ कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।
कोर्ट ने तलब की थी फाइलें, विभाग नहीं दे पाया जवाब
बेसिक शिक्षा विभाग में 2169 शिक्षामित्रों का चयन किया गया था, लेकिन विभाग के रिकॉर्ड में से मात्र 26 फाइलें ही सुरक्षित हैं। कुछ शिक्षामित्रों से जुड़े मामले न्यायालय में लंबित हैं और कोर्ट ने चयन प्रक्रिया की फाइलें तलब की थीं। फाइलें उपलब्ध न होने के कारण विभागीय अधिकारी कोर्ट में उचित जवाब नहीं दे पा रहे हैं, जिससे उन पर कोर्ट की अवमानना का खतरा मंडरा रहा है।
जब बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) सूर्य प्रताप सिंह ने वर्तमान पटल सहायक धर्मेश कुमार से जानकारी मांगी, तो उन्होंने बताया कि पूर्व पटल सहायक प्रदीप चौहान ने उन्हें केवल 26 फाइलें ही सौंपी थीं। प्रदीप चौहान वर्ष 2010 से 2021 तक बीएसए कार्यालय में शिक्षामित्रों के पटल प्रभारी रहे और 2021 में सेवानिवृत्त हो चुके हैं। अधिकारियों द्वारा फाइलों के बारे में जानकारी मांगते हुए नोटिस भेजे जाने पर भी उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।
रिटायर्ड पटल सहायक पर दर्ज हुआ मुकदमा
बीएसए द्वारा दी गई जानकारी के बाद डीएम डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी के निर्देश पर खंड शिक्षाधिकारी (बीईओ) रविप्रकाश ने कोतवाली में सेवानिवृत्त पटल सहायक प्रदीप चौहान के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया है। सीओ सिटी अशोक कुमार सिंह ने बताया कि बीईओ की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज की गई है और पुलिस मामले की जांच कर विधिक कार्रवाई करेगी।
पूर्व पटल सहायक का बचाव: ‘मुझे मौखिक आदेश दिए गए थे’
सेवानिवृत्त पूर्व पटल सहायक प्रदीप चौहान ने आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि उनके पास शिक्षामित्रों का कभी लिखित में प्रभार नहीं रहा, बल्कि मौखिक रूप से देखरेख के आदेश दिए गए थे। उनसे पहले के पटल सहायक ने भी उन्हें कोई फाइलें सौंपी नहीं थीं और उनके कार्यकाल में किसी शिक्षामित्र का चयन नहीं हुआ था। चौहान ने दावा किया कि उन्होंने केवल 26 शिक्षामित्रों की फाइलें तैयार की थीं, जो विभाग को सौंप दी गई हैं।
बीएसए का बयान
बीएसए सूर्य प्रताप सिंह ने पुष्टि की कि कार्यालय से शिक्षामित्रों के चयन की फाइलें गायब हैं। वर्तमान पटल सहायक ने 26 फाइलें होने की जानकारी दी है। पूर्व पटल सहायक प्रदीप चौहान को नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया, जिसके बाद कानूनी कार्रवाई की गई।
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