मुरादाबाद: मस्जिद की प्रबंध समिति के गठन, वक्फ संपत्तियों के रिकॉर्ड, आय-व्यय के हिसाब-किताब और बाहरी लोगों के आवागमन को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार से निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। इस संबंध में मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के मदरसा एवं उलमा प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय संयोजक मोहम्मद मजाहिर खान ने मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजा है।
शिकायती पत्र में कहा गया है कि मस्जिद की वर्तमान प्रबंध समिति के गठन और पंजीकरण की प्रक्रिया की जांच की जानी चाहिए। शिकायतकर्ता के अनुसार, समिति में कुछ ऐसे लोगों को शामिल किए जाने की बात सामने आई है, जो संबंधित मोहल्ले के निवासी नहीं हैं। पत्र में समिति की सदस्यता और उसके अधिकारों से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच कराने का अनुरोध किया गया है।
वक्फ संपत्तियों के इस्तेमाल पर उठे सवाल
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मस्जिद से जुड़ी कुछ वक्फ संपत्तियों का वक्फ बोर्ड में विधिवत इंद्राज नहीं कराया गया है और उनका कथित रूप से अनुचित उपयोग हो रहा है। शिकायतकर्ता ने मस्जिद और उससे संबंधित सभी संपत्तियों के रिकॉर्ड, प्रबंधन तथा उपयोग की स्थिति की जांच कराने की मांग की है।
इसके अलावा मस्जिद की आय और खर्च का नियमित हिसाब-किताब मोहल्ले के लोगों के समक्ष प्रस्तुत नहीं किए जाने का भी आरोप लगाया गया है। पत्र में आय-व्यय का विधिवत ऑडिट कराकर वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करने का अनुरोध किया गया है।
बाहरी जमातों के आने-जाने की जांच की मांग
शिकायती पत्र में अन्य जनपदों से जमातों के आने, उनके ठहरने और भोजन की व्यवस्था से जुड़े तथ्यों की जांच की मांग की गई है। इसमें यह भी पूछा गया है कि ऐसी गतिविधियों के लिए आवश्यक अनुमति ली जा रही है या नहीं और संबंधित नियमों का पालन किया जा रहा है अथवा नहीं।
पत्र के अनुसार, जमात के नाम पर बाहरी और अपरिचित लोगों को मोहल्ले में बुलाने तथा उन्हें समूह बनाकर अलग-अलग स्थानों पर भेजे जाने की शिकायत भी सामने आई है। शिकायतकर्ता ने बाहरी लोगों के आगमन, ठहरने और आवागमन की व्यवस्था की नियमानुसार जांच कराने की मांग की है।
9 अगस्त की घटना का भी जिक्र
शिकायत में 9 अगस्त 2026 को मस्जिद में कथित रूप से बिना पुलिस अनुमति जमात आयोजित किए जाने का भी उल्लेख किया गया है। पत्र में दावा किया गया है कि करीब 15 लोगों की एक जमात नेपाल भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। इस मामले में अनुमति, यात्रियों का विवरण और यात्रा से जुड़े दस्तावेजों की जांच कराने का अनुरोध किया गया है।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन या मस्जिद प्रबंध समिति की ओर से इस शिकायत पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
सीसीटीवी व्यवस्था की जांच की मांग
शिकायतकर्ता ने मस्जिद की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। पत्र में कहा गया है कि मस्जिद के केवल एक गेट पर कैमरा लगा है, जबकि दो अन्य रास्तों पर सीसीटीवी कैमरे नहीं हैं। सुरक्षा व्यवस्था और सीसीटीवी कवरेज की जांच कराने का भी अनुरोध किया गया है।
मोहम्मद मजाहिर खान ने मुख्यमंत्री से मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। पत्र की प्रतियां उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव और मुरादाबाद के जिलाधिकारी को भी भेजी गई हैं।
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