लखनऊ: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री मोहम्मद आज़म खान और उनके बेटे मोहम्मद अब्दुल्ला आज़म खान को इलाहाबाद उच्च न्यायालय से फिलहाल तत्काल राहत नहीं मिली है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दोनों नेताओं की सजा को निलंबित (Suspension of Sentence) करने की मांग वाली अर्जी पर लंबी बहस सुनने के बाद अपना निर्णय सुरक्षित (Judgements Reserved) रख लिया है।
वरिष्ठ वकीलों ने पेश कीं दलीलें
गुरुवार (15 अक्टूबर 2026) को हाईकोर्ट के कोर्ट नंबर 74 में न्यायमूर्ति समित गोपाल की पीठ ने मामले की सुनवाई की। याचिकाकर्ताओं की ओर से देश के जाने-माने वरिष्ठ अधिवक्ता श्री अभिषेक मनु सिंघवी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दलीलें पेश कीं। इसके साथ ही वरिष्ठ अधिवक्ता श्री एन.आई. जाफरी और उनकी कानूनी टीम ने आज़म खान और उनके परिवार का पक्ष रखा।
वहीं, सरकार की ओर से एजीए (A.G.A.) श्री परितोष कुमार मालवीय और अन्य सरकारी अधिवक्ताओं ने याचिका का कड़ा विरोध किया।
कोर्ट ने रिकॉर्ड्स का किया गहन अवलोकन
अदालत ने सुनवाई के दौरान निचली अदालत (Trial Court) से प्राप्त सभी केस रिकॉर्ड्स और दस्तावेजों का गहनता से अवलोकन किया। दोनों पक्षों की विस्तृत बहस और वकीलों की दलीलें पूरी होने के बाद पीठ ने फैसला सुरक्षित रख लिया।
जुड़े हुए अन्य मामलों की भी हुई सुनवाई
यह सुनवाई क्रिमिनल रिवीजन नंबर 3893/2026 (मोहम्मद आज़म खान) और क्रिमिनल रिवीजन नंबर 3685/2026 (अब्दुल्ला आज़म) के तहत दाखिल सजा निलंबन अर्जियों पर की गई। इसके अलावा, डॉ. तंजीन फातिमा और उत्तर प्रदेश सरकार से जुड़े अन्य संबंधित पुनरीक्षण मामलों को भी कोर्ट की कार्यसूची में शामिल किया गया था।
फैसला सुरक्षित रहने के कारण अब सभी की निगाहें हाईकोर्ट के आने वाले अंतिम आदेश पर टिकी हैं, जिससे तय होगा कि दोनों नेताओं को सजा से राहत और जमानत मिलेगी या नहीं।
- इलाहाबाद हाईकोर्ट: आज़म खान और अब्दुल्ला आज़म की सजा निलंबन याचिका पर सुनवाई पूरी, फैसला सुरक्षित

- जौहर यूनिवर्सिटी केस: रिकॉर्ड की सत्यापित प्रतियां देने के निर्देश, 38 भवनों के ध्वस्तीकरण मामले में सुनवाई

- उत्तर प्रदेश में बड़ा पुलिस फेरबदल: 18 IPS अधिकारियों के तबादले, ATS से लेकर SSF तक बदली जिम्मेदारियां

- यूपी में 34 आईएएस अधिकारियों का तबादला, 14 जिलाधिकारियों का भी फेरबदल

- गौशालाओं में क्रूरता और लापरवाही की शिकायत पर बड़ा एक्शन: बरेली मण्डल में उच्चस्तरीय जाँच के आदेश

