फटे ₹10 के नोट पर विवाद, थप्पड़ और अपमान के बाद डिलीवरी पार्टनर समीर हुसैन की मौत; पुलिस ने दो लोगों को किया गिरफ्तार

Date:

नई दिल्ली: दिल्ली के पूर्वी इलाके में एक फटे ₹10 के नोट को लेकर हुए विवाद ने 24 वर्षीय डिलीवरी पार्टनर समीर हुसैन की जान ले ली। फ्लिपकार्ट मिनट्स के लिए काम करने वाले समीर को कथित तौर पर ग्राहक ने गाली दी, धमकाया और थप्पड़ मारे। इस घटना के करीब दो हफ्ते बाद इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है और आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा जोड़ दी है।

क्या हुआ था

पुलिस के अनुसार, 4 अक्टूबर की रात 11:03 बजे समीर ने PCR पर कॉल कर बताया कि ईस्ट विनोद नगर में COD ऑर्डर देने के दौरान दो लोगों ने उन पर हमला किया। विवाद इस बात को लेकर हुआ कि ग्राहक ने उन्हें फटा हुआ ₹10 का नोट दिया था, जिसे लेने से समीर ने इनकार कर दिया था।

समीर ने आरोप लगाया कि उन्हें गाली दी गई और दूसरे व्यक्ति ने उन्हें कई बार थप्पड़ मारा। घटना के बाद उन्हें लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बनी रही।

आखिरी वीडियो में बयां किया दर्द

समीर ने इससे पहले एक वीडियो रिकॉर्ड किया था, जिसमें उन्होंने कथित रूप से बताया कि ग्राहक ने उन्हें धमकाया, गाली दी और तीन बार थप्पड़ मारा। यह वीडियो मामले की गंभीरता को उजागर करता है और पुलिस जांच का हिस्सा बन सकता है।

पांच अक्टूबर को दर्ज हुई FIR

घटना के बाद 5 अक्टूबर को आधी रात के बाद समीर का मेडिको-लीगल केस दर्ज हुआ। उसी दिन कल्याणपुरी थाने में मामले की FIR दर्ज की गई।

20 अक्टूबर को समीर की मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने FIR में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 — आत्महत्या के लिए उकसाने — जोड़ दी।

दो आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान राकेश उर्फ बुंटी (30) और रामपाल सिंह (65) के रूप में हुई है। पुलिस घटना, समीर की मौत और आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।

कल्याणपुरी का रहने वाला था समीर

समीर हुसैन दिल्ली के कल्याणपुरी इलाके के निवासी थे और फ्लिपकार्ट मिनट्स के डिलीवरी पार्टनर के रूप में काम करते थे। विवाद पूर्वी दिल्ली के ईस्ट विनोद नगर में हुआ था।

गिग वर्कर्स की सुरक्षा पर सवाल

यह घटना डिलीवरी पार्टनर्स के साथ ग्राहकों के दुर्व्यवहार और उनकी सुरक्षा के मुद्दे को फिर सामने लाई है। कैश-ऑन-डिलीवरी के दौरान नोट या पेमेंट को लेकर विवाद, गाली-गलौज और मारपीट जैसी घटनाओं पर प्लेटफॉर्म और पुलिस दोनों की त्वरित कार्रवाई की मांग उठ सकती है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Visual Stories

Popular

More like this
Related

ओपी राजभर का बड़ा बयान: ‘पैसा कमाया अखिलेश यादव ने और जेल गए आजम खान’

रामपुर: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव आज...

JMI Constitutes Committee to Draft Constitution of Jamia Millia Islamia Students’ Union

New Delhi, October 21, 2026: Jamia Millia Islamia (JMI)...

फर्जी शिकायत से मतदाता का नाम कटवाने पर एक साल तक जेल और जुर्माना

लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 31 के तहत सख्त...