एएमयू जेएन मेडिकल कॉलेज: अब एआई तय करेगा मरीज को कितनी देनी है बेहोशी की दवा

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अलीगढ़(यावर ख़ान): अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) के जवाहरलाल नेहरू (J.N.) मेडिकल कॉलेज में मरीजों को एनेस्थीसिया (बेहोशी की दवा) देने की प्रक्रिया को अधिक सटीक और सुरक्षित बनाने की तैयारी की जा रही है। अब मरीज की मॉनिटरिंग और एनेस्थीसिया की सही खुराक (प्रिसिजन डोज) तय करने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा।

अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में विशेषज्ञों का मंथन

भारतीय एनेस्थीसियोलॉजिस्ट कॉलेज (College of Indian Anaesthetists) के 7वें अंतरराष्ट्रीय एवं 17वें राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान दुनियाभर के विशेषज्ञों ने इस विषय पर विस्तार से चर्चा की। इस सम्मेलन में अमेरिका, ब्रिटेन, यूएई, सऊदी अरब और सिंगापुर जैसे देशों से 20 अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ, 300 से अधिक डेलीगेट्स और 100 फैकल्टी सदस्यों ने हिस्सा लिया।

सम्मेलन में मुख्य रूप से स्मार्ट एनेस्थीसिया, रोबोटिक असिस्टेंस, प्रिसिजन डोज और एआई आधारित रियल-टाइम मॉनिटरिंग जैसे आधुनिक विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।

अंतिम फैसला डॉक्टर का ही होगा

मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. प्रदीप जैन ने जानकारी दी कि एआई आधारित प्रणाली सर्जरी के दौरान मरीज की लगातार निगरानी और सटीक खुराक तय करने में मददगार साबित होगी। हालांकि, उन्होंने यह साफ किया कि इलाज और दवा देने का अंतिम निर्णय एआई का नहीं, बल्कि डॉक्टर के अनुभव और मानवीय विवेक का ही रहेगा।

कार्यक्रम के आयोजकों में प्रो. हम्माद उस्मानी ने बताया कि एएमयू में पहली बार इस स्तर का भव्य अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया है। कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ. उबैद अहमद सिद्दीकी द्वारा किया गया।

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