दुबई में तुर्की के बच्चे को मिलेगा $2.8 मिलियन का जीन थेरेपी इलाज: 2 साल के इंतजार और दान अभियानों के बाद मिली सफलता

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Turkish child is all set to get nearly $2.8m gene therapy treatment in Dubai
दुबई में तुर्की के बच्चे को मिलेगा $2.8 मिलियन का जीन थेरेपी इलाज: 2 साल के इंतजार और दान अभियानों के बाद मिली सफलता

दुबई में दो साल के लंबे इंतजार, अपीलों और अंतरराष्ट्रीय दान अभियानों के बाद, गोकतुक ओर्दु (Göktuğ Ordu) नाम का एक तुर्की बच्चा अंततः $2.8 मिलियन (लगभग ₹23.5 करोड़) की जीन थेरेपी प्राप्त करने के बेहद करीब पहुंच गया है। बच्चा एक दुर्लभ और गंभीर आनुवंशिक बीमारी ड्यूशेन मस्कुलर डिस्ट्रॉफी (Duchenne Muscular Dystrophy – DMD) से पीड़ित है, जो मांसपेशियों को धीरे-धीरे कमजोर करती जाती है।

बीमारी का पता और आर्थिक चुनौती

गोकतुक की बीमारी का पता तब चला जब वह महज दो साल का था। उसके माता-पिता ने पैरों में सूजन देखी, जिसके बाद कई मेडिकल टेस्ट कराने पर इस दुर्लभ बीमारी की पुष्टि हुई। परिवार को बाद में पता चला कि संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में Elevidys नाम की जीन थेरेपी उपलब्ध है, जो इस बीमारी के लिए एक बार दी जाने वाली असरदार दवा है। लेकिन इस इलाज की भारी-भरकम कीमत $2.8 मिलियन थी, जो परिवार की पहुंच से पूरी तरह बाहर थी।

वैश्विक समर्थन और दान अभियान

गोकतुक की मां ने अपने बेटे की जान बचाने के लिए एक भावुक अपील जारी की। अरबी समाचार पत्र ‘अल खलीज’ (Al Khaleej) द्वारा इस कहानी को उजागर करने के बाद यह एक बड़ा मानवीय अभियान बन गया।

  • बैत अल खैर सोसाइटी (Beit Al Khair Society): इस संस्था ने तुरंत मामला दर्ज कर धन जुटाने का अभियान शुरू किया।
  • दुबई इस्लामिक बैंक (Dubai Islamic Bank): बैंक ने इस नेक काम के लिए 500,000 दिरहम का योगदान दिया।
  • मंजिल (Manzil) और अन्य संगठन: तुर्की और दुनिया भर से हजारों लोगों तथा संस्थाओं ने दान देकर इलाज के लक्ष्य को पूरा किया।

मेडिकल टेस्ट और इलाज की तैयारी

दुबई के मेडकेयर अस्पताल (Medcare Hospital) के कंसलटेंट पीडियाट्रिक न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. विवेक मुंडाडा के मार्गदर्शन में मेडिकल टीम ने बच्चे के सभी जेनेटिक और इम्यूनोलॉजिकल टेस्ट पूरे किए। जांच के बाद पुष्टि की गई है कि गोकतुक जीन थेरेपी खुराक प्राप्त करने के लिए पूरी तरह योग्य और तैयार है।

डॉ. विवेक मुंडाडा के अनुसार, सही समय पर जीन थेरेपी देने से बीमारी के बढ़ने की गति धीमी हो जाती है और बच्चे की शारीरिक क्षमताओं को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है। गोकतुक की मां ने इलाज तक पहुंचने के लिए सभी दानदाताओं और सहायता करने वाले संगठनों के प्रति आभार व्यक्त किया है।