BREAKING NEWS: बदायूं में गंगा एक्सप्रेसवे पर भीषण सड़क हादसा, मौत बनकर दौड़ी डबल डेकर बस!

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बदायूं से इस वक़्त की सबसे बड़ी और रूह कंपा देने वाली खबर सामने आ रही है। गंगा एक्सप्रेसवे पर रफ्तार का कहर देखने को मिला है, जहाँ एक तेज रफ्तार डबल डेकर बस अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसा इतना भयानक था कि बस पलटने से पहले सड़क पर करीब 100 मीटर तक घिसटती चली गई। इस दिल दहला देने वाले मंजर को देखकर प्रत्यक्षदर्शियों की रूह कांप उठी।

100 मीटर तक घिसटने के बाद पलटी बस, मची चीख-पुकार

हादसा बदायूं के वजीरगंज थाना क्षेत्र में गंगा एक्सप्रेसवे पर हुआ। रफ्तार के जुनून में दौड़ रही डबल डेकर बस अचानक अनियंत्रित हो गई। पलटने के बाद बस हाईवे पर करीब 100 मीटर तक रगड़ खाती रही। हादसे के तुरंत बाद पूरे हाईवे पर चीख-पुकार मच गई और घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया।

तीन यात्रियों की हालत बेहद नाजुक, जिंदगी और मौत के बीच जंग

घायलों का आंकड़ा: इस दर्दनाक हादसे में एक दर्जन से अधिक यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।नाजुक स्थिति: तीन यात्रियों की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। वे अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं।

ड्राइवर की भारी लापरवाही: यात्रियों की चेतावनी को किया नजरअंदाज

शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इस हादसे की मुख्य वजह ड्राइवर की घोर लापरवाही रही।

नींद की झपकी: चालक करीब 400 किलोमीटर लगातार बिना रुके ड्राइविंग कर रहा था, जिसके कारण उसे नींद आ गई।

चेतावनी को किया दरकिनार: सफर के दौरान यात्रियों ने ड्राइवर को सुस्ती में देखकर सचेत भी किया था, लेकिन उसने यात्रियों की चेतावनी को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया, जिसका खामियाजा बेकसूर मुसाफिरों को भुगतना पड़ा।

भारी मशक्कत के बाद किया गया रेस्क्यू, सीटों के बीच फंसे थे लोग

हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस फोर्स और राहत-बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंचे और युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।

  • बस के पलटने से कई यात्री सीटों के बीच बुरी तरह फंस गए थे, जिन्हें कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया।
  • मौके पर पहुंचीं एंबुलेंस की मदद से सभी घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों की टीम गंभीर घायलों के इलाज में जुटी है।

सड़क सुरक्षा व्यवस्थाओं पर उठे बड़े सवाल

इस दर्दनाक हादसे ने लंबी दूरी के रूटों पर बिना विश्राम के लगातार ड्राइविंग, चालकों की मनमानी और एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा व्यवस्थाओं के दावों की पोल खोलकर रख दी है। सवाल यह उठता है कि आखिर कब तक चंद रुपयों के लालच में यात्रियों की जिंदगी को दांव पर लगाया जाता रहेगा?