नई दिल्ली, 23 सितंबर 2026: दिल्ली के शालीमार बाग इलाके में मदीना मस्जिद और उससे जुड़ी इमारतों पर देर रात की गई बुलडोज़र कार्रवाई को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। जमाअत-ए-इस्लामी हिंद के उपाध्यक्ष मलिक मोतसिम खान ने इस डिमोलिशन की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए दिल्ली नगर निगम (MCD) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की एकतरफा कार्रवाई से एमसीडी का ‘सांप्रदायिक चेहरा’ बेनकाब हो गया है।
ट्रिब्यूनल के रोक के बावजूद कार्रवाई पर सवाल
मीडिया को जारी एक बयान में जमाअत के उपाध्यक्ष ने पूरी प्रक्रिया की पारदर्शी जांच कराने की मांग उठाई। उन्होंने बताया कि मामला अपीलेट ट्रिब्यूनल के समक्ष विचाराधीन था:
- 15 सितंबर का आदेश: ट्रिब्यूनल ने निर्देश दिया था कि अगली सुनवाई तक मस्जिद के ग्राउंड फ्लोर के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई न की जाए।
- 21 सितंबर का घटनाक्रम: वकीलों के काम से दूरी बनाने की वजह से मामले की सुनवाई नहीं हो सकी, जिसके बाद ट्रिब्यूनल ने अंतरिम आदेश को 3 दिसंबर तक लागू रखने का निर्देश दिया।
“जब एमसीडी को स्पष्ट रूप से पता था कि मदीना मस्जिद का मामला अपीलेट ट्रिब्यूनल के पास पेंडिंग है, तो इसे क्यों गिराया गया? इसे गिराने का आदेश किसने दिया और कार्रवाई को देर रात चुपके से अंजाम क्यों दिया गया?”
— मलिक मोतसिम खान, उपाध्यक्ष (जमाअत-ए-इस्लामी हिंद)
‘धार्मिक सामग्री हटाने का नहीं दिया समय’
मलिक मोतसिम खान ने 22-23 सितंबर की दरमियानी रात मस्जिद के ऊपरी हिस्से को ध्वस्त किए जाने के तरीके और समय पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने मांग की कि अधिकारी सार्वजनिक रूप से बताएं कि तोड़-फोड़ के आदेश में क्या-क्या शामिल था।
मस्जिद के प्रतिनिधियों के हवाले से उन्होंने बताया कि डिमोलिशन शुरू होने से पहले पवित्र क़ुरआन और अन्य धार्मिक सामग्री को हटाने का पर्याप्त समय नहीं दिया गया। उन्होंने इस आरोप को बेहद गंभीर बताते हुए संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत एफआईआर दर्ज करने की मांग की।
संवैधानिक अधिकारों से समझौता नहीं
जमाअत-ए-इस्लामी हिंद ने स्पष्ट किया कि किसी भी इबादतगाह को नष्ट करना किसी कानूनी विवाद का समाधान या वैधानिक प्रक्रिया का विकल्प नहीं हो सकता। खान ने कहा कि एमसीडी की इन कार्रवाइयों के बावजूद दिल्ली के मुसलमान अपने धर्म का पालन करने, अपनी पहचान और सांस्कृतिक परंपराओं को बनाए रखने के संवैधानिक अधिकारों से कोई समझौता नहीं करेंगे।
- रामपुर: जौहर यूनिवर्सिटी मामले में आजम खान पर नई FIR, 416 करोड़ खर्च का हिसाब नहीं

- आमिर खान के भांजे इमरान खान को ‘भारत छोड़ो’ नोटिस, मुंबई पुलिस की बड़ी कार्रवाई

- National Institute of Mass Communication (NIMC): Premier Destination for BJMC & Media Education in India

- ईरान की दो टूक: मांगें पूरी होने तक अमेरिका के खिलाफ जारी रहेगी जंग

- अंकिता भंडारी हत्याकांड: इंडिया गेट पर परिवार का रातभर धरना, तड़के हिरासत में लेने के बाद पुलिस ने छोड़ा

- कोल्हाई हत्याकांड: पुलिस ने चार आरोपियों को किया गिरफ्तार, आई-10 कार बरामद

- ब्रिटेन में फिर छाया ‘मुहम्मद ‘ (स.अ.) नाम का जादू, लगातार तीसरे साल बना नवजात लड़कों के लिए नंबर-1 चॉइस

- Bridging Science and Care: JMI Hosts 11th National Conference on Heart Disease Research

- क्या एक मोबाइल की कीमत इंसान की जान से भी ज़्यादा है? बदायूं में किस्त के विवाद में किसान की पीट-पीटकर हत्या

