काठमांडू/नई दिल्ली: भारी बारिश, हिमस्खलन और भीषण फ्लैश फ्लड की मार झेल रहे नेपाल और आसपास के सीमावर्ती इलाकों में मंगलवार रात भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) और नेपाल के नेशनल अर्थक्वेक मॉनिटरिंग एंड रिसर्च सेंटर के अनुसार, भारतीय समयानुसार रात 9:38 से 9:53 बजे के बीच आए इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 5.0 से 5.3 मापी गई।
मुस्तांग जिला बना भूकंप का केंद्र
भूकंप का मुख्य केंद्र नेपाल के उत्तर-पश्चिम में स्थित मुस्तांग जिले के लोमांथांग (Lomanthang) क्षेत्र में दर्ज किया गया, जो राजधानी काठमांडू से लगभग 375 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में स्थित है। झटके इतने तेज थे कि आसपास के मनांग, डोल्पा, म्याग्दी जिलों के साथ-साथ भारत के पूर्वोत्तर राज्यों (असम आदि) और तिब्बत के सीमावर्ती इलाकों में भी धरती कांपी।
जनजीवन पर पड़ा असर
भूकंप के झटके महसूस होते ही सुरक्षा के लिहाज से लोग अपने घरों और इमारतों से बाहर निकल आए। फिलहाल राहत की बात यह है कि इस झटके से किसी भी तरह के बड़े नुकसान या हताहत होने की कोई तत्काल सूचना नहीं है। स्थानीय प्रशासन और राहत टीमें स्थिति का जायजा ले रही हैं।
दोहरी आपदा की स्थिति
यह भूकंप ऐसे समय में आया है जब नेपाल और सीमावर्ती क्षेत्र पहले से ही भीषण प्राकृतिक आपदा से जूझ रहे हैं। हाल के दिनों में आई भीषण बाढ़ और लैंडस्लाइड के कारण क्षेत्र में व्यापक नुकसान हुआ है। भूकंप के इन नए झटकों ने पर्वतीय इलाकों में भूस्खलन के खतरे को और बढ़ा दिया है, जिसको देखते हुए अधिकारियों ने निगरानी बढ़ा दी है।
फिलहाल इस भूकंप के कारण किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की तत्काल कोई खबर सामने नहीं आई है। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और संबंधित इलाकों से जानकारी जुटाई जा रही है।
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