ऑल इंडिया यूनानी तिब्बी कांग्रेस (जम्मू-कश्मीर) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित, कश्मीर में बने ‘एम्स यूनानी’: प्रो. मुश्ताक अहमद

Date:

श्रीनगर, 8 सितंबर: ऑल इंडिया यूनानी तिब्बी कांग्रेस (जम्मू-कश्मीर) की एक महत्वपूर्ण बैठक राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. मुश्ताक अहमद की अध्यक्षता में सोपोर स्थित ‘दारुलशिफा’ मुख्यालय में संपन्न हुई। बैठक का शुभारंभ हकीम मोहम्मद अशरफ लोन द्वारा ‘तिलावत-ए-कलाम पाक’ (पवित्र कुरान की आयतों के पाठ) से हुआ।

इस अवसर पर संगठन के सुदृढ़ीकरण और जनकल्याण से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

जम्मू-कश्मीर आयुष विभाग के पूर्व रजिस्ट्रार एवं संगठन के मुख्य संरक्षक डॉ. शौकत हुसैन ऐट्टू ने प्रदेश अध्यक्ष हकीम मोहम्मद अशरफ लोन, प्रदेश महासचिव डॉ. मोहम्मद यूसुफ दीनथू और उनकी टीम की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह टीम बीते कई वर्षों से क्षेत्र में यूनानी चिकित्सा पद्धति के प्रचार-प्रसार और विकास के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रही है।

चिकित्सकों की समस्याओं और व्यवस्था पर चर्चा

बैठक के दौरान हकीम मोहम्मद अशरफ लोन ने गैर-पंजीकृत चिकित्सकों (NIQs) के पंजीकरण और क्लिनिकल प्रैक्टिस से जुड़ी व्यावहारिक कठिनाइयों एवं उनके समाधान पर प्रकाश डाला। डॉ. ऐट्टू ने बताया कि वर्ष 2019 के बाद RMPs के पात्र रहे NIQs के एकमुश्त (वन-टाइम) पंजीकरण की व्यवस्था बंद होने से नई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं।

बैठक में बेरोजगार BUMS और MD यूनानी डॉक्टरों के समक्ष आ रही रोजगार की समस्याओं पर भी चिंता जताई गई। ‘गवर्नमेंट यूनानी मेडिकल कॉलेज, गांदरबल’ में स्थायी एवं समर्पित शैक्षणिक व गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों की भर्ती की मांग की गई। साथ ही यह सुझाव भी दिया गया कि आंतरिक व्यवस्था (इंटरनल अरेंजमेंट) के तहत तैनात कर्मचारियों को उनके मूल विभागों में वापस भेजकर कॉलेज के रिक्त पदों को शीघ्र भरा जाए।

मरीजों की बेहतर देखभाल और पारस्परिक समन्वय के लिए जनरल प्रैक्टिशनरों से विशेषज्ञ डॉक्टरों तक एक सुचारू ‘रेफरल सिस्टम’ विकसित करने पर भी सहमति बनी।

कश्मीरी हकीमों के योगदान को संकलित करने का प्रस्ताव

डॉ. मोहम्मद यूसुफ दीनथू ने ऐतिहासिक चिकित्सा साहित्य में कश्मीर के चिकित्सकों और हकीमों के योगदान को शामिल करने का सुझाव दिया। इसके अलावा, ऑल इंडिया यूनानी तिब्बी कांग्रेस की ओर से कश्मीरी हकीमों के जीवन और उनकी सेवाओं का एक प्रामाणिक संकलन तैयार करने का प्रस्ताव भी रखा गया।

कश्मीर में ‘एम्स यूनानी’ की मांग

प्रस्तावित ‘ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ यूनानी मेडिसिन’ (एम्स यूनानी) पर चर्चा करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. मुश्ताक अहमद ने कश्मीर के ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि संगठन इस संस्थान की स्थापना कश्मीर में कराने के लिए केंद्र सरकार के समक्ष लगातार प्रभावी पैरवी कर रहा है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद यहाँ ऐसे राष्ट्रीय स्तर के संस्थान की स्थापना की संभावनाएं और अधिक बढ़ गई हैं।

बैठक में ऑल इंडिया यूनानी तिब्बी कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. सैयद अहमद खान ने भी संगठन की भावी रणनीतियों पर विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर उन्हें पारंपरिक शॉल और पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया।

उपस्थिति एवं धन्यवाद ज्ञापन

कार्यक्रम का कुशल संचालन डॉ. मोहम्मद यूसुफ दीनथू ने किया। अंत में डॉ. शौकत हुसैन ऐट्टू ने सभी राष्ट्रीय व प्रांतीय पदाधिकारियों एवं गणमान्य अतिथियों का आभार व्यक्त किया।

बैठक में डॉ. जावेद अहमद गनाई (उपाध्यक्ष), डॉ. मोहम्मद अशरफ (सचिव), डॉ. नूर मोहम्मद (संगठन सचिव), हकीम सनौबर खान (उपाध्यक्ष, फार्मेसी विंग), हकीम नज़ीर अहमद मीर (सचिव), हकीम शौकत अली पीर (सचिव), हकीम मयस्सर मोहिउद्दीन, मोहम्मद हुसैन मीर (कोषाध्यक्ष), हकीम आशिक इलाही (सलाहकार), हकीम रईस अहमद (वरिष्ठ सदस्य) तथा यूथ विंग के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अरसलान बेग सहित अनेक पदाधिकारी व सदस्य उपस्थित थे।

Share post:

Visual Stories

Popular

More like this
Related

JMI Climbs to 334th Globally in UI GreenMetric 2026; Rises 42 Places, 13th in India

New Delhi, September 28, 2026: Jamia Millia Islamia (JMI)...