नई दिल्ली, 4 अप्रैल 2026: जमाअत-ए-इस्लामी हिंद (JIH) के शीर्ष नेतृत्व ने मासिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आगामी विधानसभा चुनावों, SIR प्रक्रिया, FCRA संशोधन बिल और ईरान पर हमलों पर गहरी चिंता जताई। संगठन ने वोटरों से असली मुद्दों पर वोट करने और विभाजनकारी ताकतों को नकारने की अपील की।
चुनावों में सक्रिय भागीदारी और निष्पक्षता की मांग
JIH के उपाध्यक्ष प्रोफेसर सलीम इंजीनियर ने पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी के विधानसभा चुनावों पर बोलते हुए वोटिंग को संवैधानिक अधिकार और नैतिक जिम्मेदारी बताया। उन्होंने रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों पर विचार कर वोट देने की सलाह दी। प्रोफेसर सलीम ने कहा, “वोटर्स को बांटने वाली राजनीति को खारिज किया जाना चाहिए। सबको साथ लेकर चलने वाले विकास पर फोकस हो।”
उन्होंने राजनीतिक दलों से पैसे, बाहुबल और विभाजनकारी बयानों से बचने तथा चुनाव आयोग से स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया सुनिश्चित करने की मांग की। हाल की अनियमितताओं ने आयोग पर भरोसे को कमजोर किया है, उन्होंने चेतावनी दी।
SIR प्रक्रिया में वोटरों की परेशानियां चिंता का विषय
प्रोफेसर सलीम ने स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) पर चिंता जताते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में वोटर लिस्ट में नाम दर्ज कराने में दिक्कतें हो रही हैं। स्पेलिंग त्रुटियां और प्रशासनिक चूक से योग्य वोटरों का अधिकार छिन सकता है। JIH ने ट्रेनिंग प्रोग्राम, वर्कशॉप और हेल्प डेस्क स्थापित कर लाखों लोगों की मदद की है। उन्होंने राजनीतिक दलों और सिविल सोसाइटी से सहयोग की अपील की।
FCRA संशोधन से संगठनों पर खतरा
JIH उपाध्यक्ष एस. अमीनुल हसन ने प्रस्तावित FCRA संशोधनों पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ये बदलाव कार्यपालिका को अत्यधिक शक्तियां देकर स्कूल, अस्पताल और कल्याणकारी संस्थाओं की संपत्तियों पर नियंत्रण स्थापित कर सकते हैं। पारदर्शिता जरूरी है, लेकिन बिना जांच-संतुलन के ये नैसर्गिक न्याय को कमजोर करेंगे। उन्होंने व्यापक चर्चा और सुरक्षा उपायों की मांग की।
ईरान पर हमलों की कड़ी निंदा, भारत से कूटनीतिक भूमिका
एस. अमीनुल हसन ने अमेरिका-इजरायल के ईरान पर हमलों की निंदा की। स्कूल, अस्पताल और रिहायशी इलाकों पर असर से नागरिक मौतें हो रही हैं, जो अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है। उन्होंने युद्धविराम, जवाबदेही और कूटनीति की मांग की। भारत सरकार से तनाव कम करने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
JIH ने सभी पक्षों से समाज हित में जिम्मेदारीपूर्ण रुख अपनाने की अपील की।
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