कोलकाता: कोलकाता के उत्तरी इलाके चोरबगान स्थित सर्बोजनिन दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार शाम भारी भीड़ के बीच भगदड़ मच गई। पुलिस के अनुसार इस हादसे में कम से कम 17 लोगों की मौत हो गई और लगभग 35 से अधिक लोग घायल हुए, जिन्हें कलकत्ता मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (MCH) में भर्ती कराया गया है।
कहां और कब हुई घटना
कोलकाता पुलिस के बयान के मुताबिक घटना 17 अक्टूबर को शाम करीब 7:40 बजे गिरीश पार्क थाना क्षेत्र में स्थित शारदा पार्क, यानी चोरबगान सर्बोजनिन दुर्गा पूजा पंडाल के निकास द्वार पर हुई। पुलिस ने भारी भीड़ और बारिश को भगदड़ का प्राथमिक कारण बताया है।
घटना दुर्गा पूजा के सप्तमी के दिन हुई, जब शहरभर में पंडालों पर दर्शकों का बड़ा हुजूम था। चोरबगान पंडाल इस बार अपने “आरोब” थीम के लिए खास चर्चा में था, जिसका अर्थ “ध्वनि से परे” है और यह पूजा अपने 91वें वर्ष में है।
कैसे मची भगदड़
शाम से हो रही बारिश के कारण कई लोग पंडाल के अंदर ठहर गए, जिससे भीड़ अचानक बढ़ गई। इसी बीच नए दर्शक प्रवेश करने की कोशिश कर रहे थे, जिससे निकास द्वार पर धक्का-मुक्की शुरू हो गई और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
आंखों देखे गवाहों ने बताया कि भीड़ के दबाव में कई लोग बेहोश हो गए और कुछ घायलों को मोटरसाइकिल पर अस्पताल ले जाया गया। एक गवाह ने प्रवेश और निकास द्वारों के संकरे होने तथा इलाके में पर्याप्त रोशनी न होने की भी बात कही।
कुछ रिपोर्ट्स में पंडाल के एक हिस्से के गिरने की आशंका भी जताई गई है, लेकिन पुलिस ने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। हादसे की सटीक वजह और जिम्मेदारी की जांच जारी है।
बचाव और इलाज
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल, आपदा प्रबंधन दल और चिकित्सा टीमों के साथ एंबुलेंस मौके पर पहुंच गईं। घायलों को मौके से निकालकर कलकत्ता मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज जारी है।i
पुलिस ने तत्काल चोरबगान पंडाल को दर्शकों के लिए बंद कर दिया। सावधानी के तौर पर सुरुची संघ, चेतला अग्रणी समेत कई बड़े पूजा पंडाल भी आगंतुकों के लिए बंद कर दिए गए, जबकि ताला प्रत्योय ने अगली सूचना तक बंद रहने की घोषणा की।
पश्चिम बंगाल सरकार ने पीड़ितों और उनके परिजनों की जानकारी के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन 18003455678 जारी की है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी और मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल खबर मिलने के बाद कलकत्ता मेडिकल कॉलेज पहुंचे और स्थिति की समीक्षा की। स्वास्थ्य मंत्री शरदवत मुखर्जी भी अस्पताल पहुंचे।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मृतकों के प्रति शोक व्यक्त किया और बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री से बात की। पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने घटना पर गहरा दुख जताया और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस/आर.एन. रवि ने भी पीड़ित परिवारों को संवेदना दी।
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने चोरबगान पूजा पंडाल की भगदड़ पर गहरा दुख और हैरानी जताई। उन्होंने एक्स पर लिखा कि वे मां दुर्गा से सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने और पीड़ित परिवारों को इस कठिन समय में शक्ति-साहस देने की प्रार्थना करती हैं।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कई लोगों की मौत और बड़ी संख्या में लोगों के घायल होने की खबरें बेहद दुखद हैं। उन्होंने मृतकों के परिवारों को संवेदना दी और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
अभी की स्थिति
अधिकारिक आंकड़ों में अब तक 17 मौतें और लगभग 35 से अधिक घायल बताए गए हैं, लेकिन कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में घायलों की संख्या 40 या उससे अधिक बताई गई है। चूंकि कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है, मृतकों और घायलों की संख्या बढ़ सकती है।
यह घटना दुर्गा पूजा के दौरान भीड़ प्रबंधन, पंडालों के निकास-प्रवेश मार्ग, बारिश में आपातकालीन तैयारी और भीड़ नियंत्रण के सवालों को फिर से उभार देती है।
