- जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने ग्राम धारऊ के मजरा नगला पीपल में धान फसल की क्रॉप कटिंग का किया औचक निरीक्षण
- त्रिभुजाकार प्लाट बनाकर धान किस्म 1692 की कराई गई कटाई, प्रति हेक्टेयर 61 क्विंटल उत्पादकता का अनुमान
- गांव में बुनियादी विकास कार्यों के लिए 20 से 25 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत कराने का दिया आश्वासन
मैनपुरी(सिराज हुसैन): जनपद में फसलों की वास्तविक पैदावार का सटीक और पारदर्शी आकलन करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने तहसील सदर क्षेत्र के ग्राम धारऊ के मजरा नगला पीपल में औचक स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कृषक उमाशंकर के गाटा संख्या-4 में धान की फसल की क्रॉप कटिंग अपनी देखरेख में कराई।
जिलाधिकारी ने निर्धारित भूखंड पर धान की कटाई, मड़ाई और तौल की पूरी प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न कराई। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित किसानों और राजस्व कर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप क्रॉप कटिंग की प्रक्रिया बेहद महत्वपूर्ण है। इससे प्राप्त आंकड़ों के आधार पर ही जिले में औसत उत्पादन का वास्तविक निर्धारण होता है। इसी आधार पर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, आपदा राहत, न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) तथा अन्य किसान-हितैषी योजनाओं का पारदर्शी लाभ किसानों तक पहुंचता है। उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आंकड़े शत-प्रतिशत ज़मीनी हकीकत पर आधारित होने चाहिए।
61 क्विंटल प्रति हेक्टेयर आंकी गई उत्पादकता
निरीक्षण के दौरान राजस्व, कृषि और सांख्यिकी विभाग की संयुक्त टीम ने राजस्व नियमानुसार निर्धारित त्रिभुजाकार प्लाट बनाकर धान की किस्म ‘1692’ की कटाई कराई। खेत में मौजूद श्रमिकों ने धान की बालियों को काटकर मौके पर ही पारंपरिक तरीके से पीटकर दाना अलग किया और उसकी शुद्ध तौल की। सांख्यिकी गणना के उपरांत संबंधित भूखंड पर धान की उत्पादकता लगभग 61 क्विंटल प्रति हेक्टेयर आंकी गई, जो क्षेत्र की भूमि और फसल प्रबंधन के लिहाज से काफी उत्साहजनक है।
लागत घटाकर प्रति हेक्टेयर लगभग 1 लाख रुपये की शुद्ध आय
डीएम ने मौके पर मौजूद जिला व तहसील स्तरीय सांख्यिकी अधिकारियों और फसल बीमा कंपनी के प्रतिनिधियों से उत्पादन, बाजार भाव तथा लागत के गणित पर विस्तार से विचार-विमर्श किया। शासन द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ₹2,400 प्रति क्विंटल के हिसाब से इस पैदावार का सकल मूल्य प्रति हेक्टेयर करीब ₹1,46,400 बैठता है।
किसानों से जुताई, बीज, खाद, कीटनाशक, सिंचाई और कटाई में आने वाले खर्च की जानकारी लेने पर प्रति हेक्टेयर लगभग ₹40,000 से ₹45,000 की लागत सामने आई। इस प्रकार, लागत घटाने के बाद किसान को प्रति हेक्टेयर लगभग ₹1 लाख रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त होगा।
औद्यानिक खेती और पॉलीहाउस तकनीक अपनाने की सलाह
क्रॉप कटिंग की कार्यवाही के बाद जिलाधिकारी ने किसानों के साथ बैठक कर कृषि विविधीकरण और आय बढ़ाने के उपायों पर चर्चा की। किसानों ने बताया कि वे पारंपरिक फसलों के अलावा गुलाब की खेती भी करते हैं, लेकिन उन्हें इसका उचित लाभ और अनुदान नहीं मिल पाता।
इस पर जिलाधिकारी ने उन्हें आधुनिक औद्यानिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि केवल पारंपरिक रूप से खुले खेत में खेती करने के बजाय किसान पॉलीहाउस तकनीक का प्रयोग करें।
- पॉलीहाउस निर्माण पर: उद्यान विभाग के माध्यम से 50% से 70% तक की भारी सब्सिडी दी जाती है।
- सूक्ष्म सिंचाई पर: ड्रिप सिंचाई प्रणाली पर 80% तक का सरकारी अनुदान उपलब्ध है।
उन्होंने कृषि एवं उद्यान विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि गांव के प्रगतिशील किसानों को चिह्नित कर उन्हें अनुदान योजनाओं से जोड़ें और उन्नत बीज, पौधे तथा आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराएं।
गांव के विकास के लिए स्वीकृत होंगे ₹20-25 लाख
निरीक्षण के दौरान धारऊ और नगला पीपल के ग्रामीणों ने गांव की समस्याओं से डीएम को अवगत कराया। ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र नगर पालिका सीमा के समीप होने के बावजूद यहां आंतरिक संपर्क मार्गों, पक्के खड़ंजों, नालियों और नियमित साफ-सफाई की कमी है, जिससे बरसात के दिनों में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
जिलाधिकारी ने ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए कहा कि 15वें या 16वें वित्त आयोग की अनटाइड/टाइड ग्रांट के माध्यम से दोनों गांवों में बुनियादी अवस्थापना विकास कार्यों हेतु ₹20 से ₹25 लाख की धनराशि स्वीकृत कराई जाएगी।
ये अधिकारी रहे मौजूद
निरीक्षण के दौरान तहसीलदार सदर प्रकाश चौधरी, अर्थ एवं संख्या प्रभाग आगरा से राजेंद्र चौहान, एचडीएफसी बीमा कंपनी के जिला समन्वयक उमेश चंद्र, तहसील प्रभारी कौशलेन्द्र, क्षेत्रीय लेखपाल मनोज गुप्ता, क्षेत्रीय कृषक एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।
- क्रॉप कटिंग से तय होती है वास्तविक पैदावार, किसानों को मिलता है योजनाओं का सीधा लाभ: डीएम

- प्रसव पीड़ा से तड़पती रही गर्भवती, सीएचसी स्टाफ पर ₹5 हजार मांगने और धक्के देकर निकालने का आरोप

- “मिशन समाधान” का मुख्य उद्देश्य दोनों पक्षों की उपस्थिति में भूमि विवादों का निस्तारण करना: जिलाधिकारी

- जेएम प्रथम न्यायालय के बहिष्कार का निर्णय, जिला जज से वार्ता के लिए प्रतिनिधिमंडल गठित

- मैनपुरी में जीटी रोड पर भीषण सड़क हादसा: कंटेनर की टक्कर से महिला और दो मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत, एक घायल

