बैंक खाते खुलवाकर साइबर ठगी कराने वाले गैंग का पर्दाफाश, तीन गिरफ्तार

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बैंक खाते खुलवाकर साइबर ठगी कराने वाले गैंग का पर्दाफाश, तीन गिरफ्तार

साइबर पुलिस की कार्रवाई: 10,300 रुपये नकद, छह मोबाइल, कार, बाइक और बैंकिंग दस्तावेज बरामद

मैनपुरी(मोहम्मद सिराज हुसैन): आम लोगों को पैसों का लालच देकर उनके नाम से बैंक खाते खुलवाने और उनमें साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर कराकर निकालने वाले गिरोह का साइबर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के तीन शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से 10,300 रुपये नकद, छह मोबाइल फोन, एक कार, एक मोटरसाइकिल, एक एचडीएफसी बैंक का एटीएम कार्ड, यूनियन बैंक की पासबुक और चार सिम कार्ड बरामद किए गए हैं।

पुलिस लाइन स्थित सभागार में अपर पुलिस अधीक्षक नगर ने पत्रकार वार्ता के दौरान बताया कि साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस अधीक्षक गणेश प्रसाद साहा के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक नगर/नोडल साइबर क्राइम के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी साइबर के नेतृत्व में जांच टीम का गठन किया गया था।

एनसीआरपी (NCRP) पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की जांच के दौरान सामने आया कि साइबर ठगी की रकम के लेन-देन के लिए मैनपुरी स्थित यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के कुछ खातों का इस्तेमाल किया जा रहा था। ठगी की रकम मैनपुरी और फर्रुखाबाद के एटीएम व अन्य स्थानों से निकाले जाने की पुष्टि हुई। इस मामले में थाना साइबर क्राइम मैनपुरी में मु0अ0सं0 16/26, धारा 318(4) बीएनएस एवं 66डी आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।

संबंधित म्यूल (Mule) बैंक खातों की पड़ताल और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को पता चला कि पहला ट्रांजेक्शन शेखर नामक व्यक्ति द्वारा यूपीआई के माध्यम से किया गया था। तकनीकी विश्लेषण के बाद साइबर पुलिस टीम ने 11 सितंबर 2026 को भोगांव रोड (ग्राम गढ़िया मोड़) से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

ऐसे काम करता था गिरोह

पूछताछ में गिरोह की कार्यप्रणाली का खुलासा हुआ। गिरोह के सदस्य अलग-अलग भूमिका निभाते थे:

  • शेखर और उसके साथी: सीधे-सादे लोगों को पैसों का लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे।
  • सुनील गुप्ता: इन बैंक खातों का विवरण और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर अपने अन्य साथियों तक पहुंचाता था। इसके बाद इन खातों में ठगी का पैसा मंगाया जाता था।
  • रूकुम और उसके साथी: एटीएम, पेट्रोल पंप आदि माध्यमों से पैसों की निकासी करते थे। इसके बाद गिरोह के सदस्य आपस में कमीशन बांट लेते थे।

गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण:

  1. सुनील गुप्ता पुत्र स्व. रामसेवक गुप्ता (निवासी: थाने वाली गली, कस्बा व थाना बेवर)
  2. रूकुम पुत्र संतोष (निवासी: पीपल वाली गली, बेवर)
  3. शेखर पुत्र श्यामशरण (निवासी: विकास भवन के सामने, दीवानी रोड, थाना कोतवाली मैनपुरी)

पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य नेटवर्क और आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जांच कर रही है।

कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम

इस कार्रवाई में थाना साइबर क्राइम प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार सिंह, साइबर सेल प्रभारी उपनिरीक्षक रोहिताश सिंह, आगरा जोन कार्यालय के उपनिरीक्षक प्रवेंद्र कुमार व अरविंद तोमर, मुख्य आरक्षी सरयू कुमार, गौरव कुमार, महीपाल सिंह, जोगेंद्र चौधरी, संजय कुमार तथा आरक्षी विपिन कुमार, विजय उपाध्याय और धर्मेंद्र कुमार शामिल रहे। पत्रकार वार्ता के दौरान क्षेत्राधिकारी यातायात दीपशिखा सिंह भी मौजूद रहीं।

साइबर पुलिस की अपील: साइबर पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी अनजान या प्रलोभन देने वाले व्यक्ति को अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक या सिम कार्ड इस्तेमाल के लिए न दें। यदि किसी व्यक्ति का बैंक खाता साइबर अपराध में प्रयुक्त पाया जाता है, तो खाताधारक के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।