पन्ना की गौशाला में अमानवीयता: मृत गोवंश को ट्रैक्टर से घसीटने का वीडियो वायरल, उच्चस्तरीय जांच की मांग

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पन्ना (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के जिला पन्ना अंतर्गत ग्राम लुहरहाई स्थित एक गौशाला से पशु क्रूरता और अव्यवस्था का गंभीर मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने गौशाला में गोवंश की दुर्दशा और प्रशासनिक लापरवाही की पोल खोल दी है। वायरल वीडियो में कथित तौर पर मृत गोवंश को ट्रैक्टर से घसीटकर ले जाते हुए देखा जा सकता है, जिससे स्थानीय लोगों और पशु प्रेमियों में भारी आक्रोश व्याप्त है।

जिंदा गोवंश चारे-पानी को मोहताज, मृत पशुओं के सम्मान की धज्जियां

प्राप्त जानकारी और शिकायत के अनुसार, लुहरहाई गौशाला में न केवल मृत गोवंश के निस्तारण में अमानवीय रवैया अपनाया जा रहा है, बल्कि जीवित पशुओं की स्थिति भी चिंताजनक है। गौशाला में गोवंश के लिए पर्याप्त चारा, पीने का पानी, स्वच्छता और आवश्यक पशु चिकित्सा सुविधाओं की भारी कमी के आरोप लग रहे हैं।

पन्ना की गौशाला में अमानवीयता, मृत गायों को ट्रैक्टर से घसीटा,लुहरहाई गौशाला का वीडियो वायरल, गोवंश की दुर्दशा उजागर,जिंदा गोवंश चारे को मोहताज, मौत के बाद भी सम्मान नहीं

Posted by Ganesh Vishwakarma on Sunday, September 27, 2026

भारतीय जीव-जंतु कल्याण बोर्ड के सदस्य ने लिखा पत्र

इस गंभीर मामले पर संज्ञान लेते हुए भारतीय जीव-जंतु कल्याण बोर्ड (पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार) तथा पशु क्रूरता निवारण सोसायटी (SPCA) के सदस्य मोहम्मद मजहर खान ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री, भारतीय जीव-जंतु कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष, जिला कलेक्टर पन्ना तथा पुलिस अधीक्षक पन्ना को पत्र भेजकर निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

शिकायत में की गई प्रमुख मांगें:

  1. भौतिक निरीक्षण और सत्यापन: ग्राम लुहरहाई गौशाला का तत्काल निरीक्षण कर वहां मौजूद गोवंश की वास्तविक संख्या का सत्यापन किया जाए।
  2. वीडियो का सत्यापन व पहचान: वायरल वीडियो में दिख रहे ट्रैक्टर, स्थान और संबंधित व्यक्तियों की पहचान कर सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाए।
  3. अभिलेखों और मौतों का ऑडिट: पिछले समय में हुई गोवंश की मौतों के आंकड़े, पशु चिकित्सा रजिस्टर और सरकारी अनुदान (फंड) के उपयोग की वित्तीय व प्रशासनिक जांच/ऑडिट कराई जाए।
  4. दोषियों पर FIR: पशु-क्रूरता, लापरवाही या धन के दुरुपयोग की पुष्टि होने पर जिम्मेदार संचालकों, कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मामला (FIR) दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाए।
  5. सम्मानजनक निस्तारण: मृत पशुओं का निस्तारण निर्धारित, सुरक्षित और मानवीय नियमों के तहत सुनिश्चित किया जाए।

शिकायतकर्ता ने स्पष्ट किया है कि गोवंश का संरक्षण केवल प्रशासनिक औपचारिकता नहीं, बल्कि मानवीय संवेदना और कानूनी दायित्व से जुड़ा विषय है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले पर क्या कड़ा कदम उठाता है।

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