श्रीनगर: श्रीनगर में आतंकी इकोसिस्टम को खत्म करने के लिए पुलिस ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित आतंकी संगठनों से जुड़े 21 ओवरग्राउंड वर्कर्स (OGW) और आतंकी सहयोगियों के घरों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई गैरकानूनी गतिविधि निवारण अधिनियम (UAPA) के तहत चल रही जांच के सिलसिले में की गई।
छापेमारी की जगहें
पुलिस ने शहर के विभिन्न इलाकों में समन्वित तरीके से तलाशी अभियान चलाया, जिसमें मलाबाग इलाहीबाग, अलमदार कॉलोनी दंगरपोरा, टिप्लू मोहल्ला अंचार, सजगरीपोरा हवाल, इखराजपोरा, मेठन, बगत चौक खालिदाबाद, शाहजादपोरा दंगरपोरा, असार कॉलोनी हज़रतबल, जोगीवान लाल बाजार और लवायपोरा शामिल हैं।जिन लोगों के घरों पर छापेमारी की गई उनमें नजीब साकिब डार, ओवैस मुनीर भट, ओवैस अहमद भट, दानिश अयूब बदू, उमर फैयाज, जाहिद राशिद गनी, हाशिम फारूक, राशिद लतीफ भट, अरहान रसूल डार, ओवैस मंजूर सोफी, सुहैल अहमद मीर, मुजफ्फर फारूक मीर, इम्तियाज अहमद चिकला, उमर हमीद शेख, मोहम्मद आसिफ भट, मोहम्मद आदिल लोन, वसीम कादिर मीर, उनीब नसीर, दानिश कादिर मीर और बाबर सुहैल सोफी शामिल हैं।
कानूनी प्रक्रिया का पालन
छापेमारी कार्यवाही के दौरान सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया गया। यह अभियान कार्यकारी मजिस्ट्रेट और स्वतंत्र गवाहों की उपस्थिति में जम्मू-कश्मीर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में संपन्न हुआ। इस दौरान आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और जांच से संबंधित अन्य साक्ष्य जब्त किए गए।
उद्देश्य
पुलिस के मुताबिक, यह कार्रवाई व्यापक खुफिया जानकारी जुटाने की कवायद का हिस्सा है, जिसका मकसद सार्वजनिक शांति और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करने वाली किसी भी आतंकी गतिविधि या साजिश को रोकना है। श्रीनगर पुलिस ने स्पष्ट किया कि आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने या सहायता करने वाले सभी लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस शहर में शांति, स्थिरता और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है और गैरकानूनी या हिंसक गतिविधियों में मदद करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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