प्रधानमंत्री आवास योजना में पात्रों चुनाव पर उठते सवाल

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Globaltoday.in| रईस अहमद | रामपुर

गरीबों के घरों पर छत उपलब्ध कराने और पक्के मकान मुहैया कराने की महत्वकांक्षी योजना प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना की जमीनी हकीकत बेहद डरावनी है।

आवास के लिए आवेदन करने वाले गरीब लोग आज भी कच्चे मकानों में रहने को मजबूर हैं। इसके पीछे पात्रों के चुनाव के लिए घूस मांगे जाने के आरोप लगाए जा रहे हैं तो अधिकारी मामले की जांच कर के रटी रटाई बयानबाजी करने से नहीं थक रहे।

पक्के मकान और सर पर छत से मेहरूम गरीब लोगों के लिए पक्के मकान उपलब्ध कराने और छत मुहैय्या कराने के लिए प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के नाम से महत्वकांक्षी योजना चलाई जा रही है।

यह योजना कितने बड़े पैमाने पर चलाई जा रही है इस बात का अंदाजा लगाने के लिए काफी है कि अकेले उत्तर प्रदेश के एक छोटे से रामपुर जिले में 23319 पात्रों को मकान दिए जाने हैं। इसमें से 7726 तो पूर्ण हो चुके हैं और 9935 के लिए पहली किस्त जारी कर दी गई है। 

प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना की जमीनी हकीकत जानने के लिए जब हमने रामपुर के ग्रामीण क्षेत्र का दौरा किया तो वहां ऐसे लोगों की लंबी फेहरिस्त मिली जिन्होंने आवास के लिए एप्लाई किया था। लेकिन पात्र होने के बावजूद उनको इस योजना के तहत मकान तो दिए ही नहीं गए बल्कि उनसे मकान दिए जाने के नाम पर उल्टा पैसा मांगा गया।

रामपुर की नगर पंचायत मसवासी में जाकर हमने प्रधानमंत्री आवास योजना की जमीनी हकीकत जानी तो वहाँ की स्थिति बहुत ख़राब थी। वहां पर गरीब आज भी छप्पर में रहने और पन्नी और प्लास्टिक डालकर अपने सर साया करने को मजबूर हैं।

इनमें से कुछ तो ऐसे हैं जो अपने बेहद गरीबी और फ़ाक़ा कशी के बावजूद अपने सर पर छत और प्रधानमंत्री आवास योजना मैं चुने जाने के लिए घूस की रकम भी दे चुके हैं। लेकिन फिर भी पात्र की लिस्ट में उनका नाम नहीं आया.

उधर जब जमीनी हकीकत से जिलाधिकारी रामपुर को रूबरू कराया गया तो उन्होंने मामले की जांच कराए जाने का आश्वासन दिया। उन्होंने माना कि यह संभव है कि घोटाले बाजों की सरकारी रिकॉर्ड तक पहुंच हो और वह पात्रों के नाम की जानकारी पा जाते हों। जिसके द्वारा वह गरीबों से पैसा आने की पूर्व सूचना देकर अवैध वसूली कर लेता हो। जिलाधिकारी रामपुर ने गरीबों से भी अपील की के किसी भी दशा में वह किसी को पैसा आदि नहीं दें।

वहीं आवास से महरूम एक युवक राजू दिवाकर से हमने बात की तो उसने बताया,” हमने कॉलोनी अप्लाई करी थी। हम से पैसे मांगते थे और कहते थे कि आपकी कॉलोनी जल्दी आ जाएगी। लेकिन अभी तक कॉलोनी हमारी नहीं आई है। बताया ₹1000 संजय लेकर गया था और 750 रुपये टाउन में जमा करे थे। बताया उन्हें 2 साल हो गए आवास के लिए अप्लाई करे हुए लेकिन अभी तक उन्हें आवास नहीं मिला है।

वहीं एक महिला कुंता देवी ने कहा,” हमें परेशानी है और अगर यह घर गिर जाएगा तो हम दब जाएंगे। मैं विधवा महिला हूं… खेती किसानी का काम कर रहे हैं और खा रहे हैं। उसने कहा मेरे छोटे-छोटे तीन बच्चे हैं। कॉलोनी के लिए हमने फार्म भरे थे अभी तक कॉलोनी नहीं आई है। जो आता है वह पैसे मांगता है। हम गरीब हैं…खेत मे मज़दूरी करते हैं , ₹200 मिलते हैं और कोई आता है 5000 मांगता कोई 10 हज़ार मांगता है आवास के नाम पर।

प्रीति ने कहा,” हम छप्पर में रहते हैं और यह भी बारिश में टपकता है। हम से पैसे मांगे थे हमने उधार लेकर ₹5000 दिए थे। लेकिन अभी तक हमारी कॉलोनी नहीं आई है। 

वहीं एक बुजुर्ग गरीब मजदूरी करने वाले धर्मपाल ने बताया,” उन्होंने आवास के लिए कई बार अप्लाई कर दिया है। आते हैं और मकान चेक करते हैं कि कच्चा मकान है उसके बाद कहते हैं आपकी कॉलोनी आ जाएगी और 5000 10000 ₹20000 मांगते हैं। हमने कहा हमारा पैसे नहीं हम कहां से दें।

इस मामले पर हमने जिलाधिकारी आंजनेय कुमार सिंह से बात की तो उन्होंने कहा,” रामपुर में जिन लोगों के आवास सैंक्शन हुए हैं वे 23319 हैं। उसमें हमने 7726 आवास पूर्ण कर लिए है, 9937 लोगों की पहली किस्त जारी हो गई है। आवास के नाम पर पैसा लिया गया है या गड़बड़ी की गई है इसमें की शिकायतें पूर्ण में हमारे पास जो भी आई थीं उनको जांच कराकर  इस पर कार्रवाईया भी की गई है। हमने कई बार डोडा ऑफिस की जांच भी की है। अगर ऐसी कोई शिकायत है और उसने की है तो उसको मैं स्वयं देखूंगा। आवास के नाम पर किसी भी तरह की कोई गड़बड़ी पाई जाती है तो मैं उसमे जो भी संबंधित होगा में उसके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने आगे कहा,” मैं एक बात और कहना चाहूंगा। बीच में जो कई तरह के झांसे  बॉस है वह घुसे हुए हैं,जो जिस तरह से लोगों को झांसा देते हैं कि मैं तुम्हारा करा दूंगा, संभव है उन लोगों की पहुंच हमारे दस्तावेजों तक होगी। किस की प्रथम किस्त जारी हो चुकी है या जारी होने वाली है यह कितने लोगों के नाम इसमें शामिल हैं। किसी को कोई डाउट है प्रधानमंत्री ग्रामीण या शहरी आवास योजना तो वे सीधे मेरे ऑफिस में आकर मुझसे मिले। मैं सभी से मिलता हूं और सभी लोगो की सूची हमारे पास है सभी लोग धैर्य रखें।

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