रामपुर: आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रदेश प्रवक्ता और रामपुर के युवा नेता फैसल खान लाला ने समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें ‘जालिम’ और सपा का सबसे क्रूर नेता करार दिया है। फैसल ने आजम खान की हाल ही में जेल से रिहाई के बाद अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आजम खान ने सत्ता में रहते हुए रामपुर के लोगों पर जुल्म ढाए और कई परिवारों को बर्बाद कर दिया।
आजम खान पर लगे गंभीर आरोप
फैसल खान लाला ने दावा किया कि आजम खान ने अपने सत्ता के दिनों में रामपुर में ‘हिटलर’ की तरह व्यवहार किया और जिसने भी उनके खिलाफ आवाज उठाई, उसे झूठे मुकदमों में फंसाया गया। AAP नेता ने बताया कि आजम खान के कार्यकाल में 700 से अधिक लोगों को झूठे मुकदमों में जेल भेजा गया, दुकानें तोड़ी गईं और आलियागंज गांव के घरों को बुलडोजर से गिराया गया।
फैसल ने कहा, “आजम खान ने जो बोया, अब वही काट रहे हैं। उन्होंने सत्ता के नशे में लोगों को सताया, और आज वे खुद जेल की सजा काट कर बाहर आए हैं।
खुद को बताया आजम के जुल्म का शिकार
फैसल खान लाला ने अपने निजी अनुभव साझा करते हुए बताया कि जब आजम खान सत्ता में थे, तो उन्हें तीन-तीन बार 151 धारा के तहत झूठे मुकदमों में 8-10 दिनों के लिए जेल भेजा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी दुकान तोड़ी गई, बिजली काट दी गई और परिवार को धमकाया गया।
“अब्दुल्ला आजम के फेसबुक अकाउंट से मेरे यूट्यूब चैनल पर कमेंट किया गया कि जब हमारी सरकार वापस आएगी तो तुम्हारी हत्या करवा देंगे। इसी आधार पर मैंने मुकदमा दर्ज कराया था।”
रामपुर में आजम खान का ‘आतंक राज’
फैसल ने आजम खान के ‘आतंक राज’ की और घटनाएं सुनाते हुए बताया कि रामपुर में किसी को भी कुछ बोलने की आजादी नहीं थी। उन्होंने कहा, “आजम खान का एजेंडा था कि रामपुर में कोई भी उनके खिलाफ बोल नहीं सकता। वे किसी को भी बर्बाद कर सकते थे, लेकिन पूछने वाला कोई नहीं था।”
AAP नेता ने बताया कि एक बुजुर्ग को मुर्गा बनाकर उसकी पीठ पर ईंटें रखवाई गईं। फैसल ने कहा कि हालांकि बेल हर किसी का अधिकार है, लेकिन यह नहीं भुलाया जा सकता कि आजम खान ने कितने परिवारों को उजाड़ा है।
कौन हैं फैसल खान लाला?
फैसल खान लाला वर्तमान में आम आदमी पार्टी के उत्तर प्रदेश प्रदेश प्रवक्ता हैं और उन्होंने 2020 में AAP पार्टी ज्वाइन की थी। वर्ष 2022 में उन्होंने आजम खान के खिलाफ रामपुर से विधानसभा चुनाव भी लड़ा था। हालांकि, वे 2020 से पहले से ही आजम खान के खिलाफ मोर्चा खोले हुए थे और खुद को आजम खान द्वारा प्रताड़ित बताते रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि सितंबर 2025 में रामपुर की विशेष अदालत ने फैसल खान लाला के 2019 के मुकदमे में अब्दुल्ला आजम और फसाहत अली खां शानू को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया था।
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