कृषि कानूनों के विरोध में धरने पर गए रामपुर के किसान बाबा कश्मीर सिंह की आत्महत्या मैं हुई मौत के बाद उनके गांव में सन्नाटा पसरा है।
Globaltoday.in| रईस अहमद | रामपुर
कृषि कानूनों के विरोध में धरने पर गए रामपुर के किसान बाबा कश्मीर सिंह की आत्महत्या मैं हुई मौत के बाद उनके गांव में सन्नाटा पसरा है। किसानों में गम और गुस्सा है और सरकार से नाराजगी जता रहे हैं।
उत्तर प्रदेश सरकार मैं राज्यमंत्री सरदार बलदेव सिंह औलख जो बिलासपुर क्षेत्र के विधायक भी हैं मृतक कश्मीर सिंह के घर पहुंचे और संवेदना प्रकट की साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ज्ञानी कश्मीर सिंह की मृत्यु के बाद उनके आश्रितों को मुआवजा दिलाए जाने की बाबत वह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी जी से बात करेंगे।
गाजीपुर बॉर्डर पर आत्महत्या में हुई मौत के बाद सरदार कश्मीर सिंह के घर पर किसानों का तांता बना हुआ है। किसान उन्हें शहीद का दर्जा दे रहे हैं और सरकार के जुल्म के खिलाफ लामबंद होने का आवाहन कर रहे हैं।
जनपद रामपुर के तहसील बिलासपुर के पसिया पूरा गांव निवासी कश्मीर सिंह जिसकी उम्र 60 वर्ष थी और जो गुरुद्वारा सुख सागर साहब पीपल कोटा जिला चमोली हेमकुंड साहिब में सेवादार के रूप में सेवा करते थे। कश्मीर सिंह पिछले कई दिनों से कृषि विधेयक कानून के विरोध में दिल्ली गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों के साथ धरने पर बैठे हुए थे।
आज सुबह उन्होंने किन्ही कारणों से आत्महत्या कर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। किसान की आत्महत्या की सूचना से रामपुर में किसानों में शोक की लहर के साथ-साथ सरकार के प्रति किसानों में गुस्सा भी नजर आया।
मृतक किसान के परिवार को ढांढस के लिए जल संचय राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख उसके आवास पर पहुंचे और मृतक किसान के बेटे को सांत्वना दी।
किसान नेता राम बहादुर सिंह ने कहा,” धरने में इनको अत्याचार नहीं सहा गया। इसलिए इन्होंने अपने आप को शहीद कर लिया। हम चाहते हैं सरकार कृषि विधेयक बिल वापस करें। हमारे अब तक 35 लोग शहीद हो चुके हैं। सरकार को कम से कम हम लोगों की तरफ देखना चाहिए। सरकार तानाशाही है सरकार को उन लोगों का दर्द पता होता तो सरकार जरूर सुनती आज लोकतंत्र है ही नहीं कि हम किसी को अपना दर्द बता सके इनका पीएम हो रहा है।
- फ्रांस में छात्र आंदोलन हिंसक, 5,000 गिरफ्तार; पेरिस पुलिस प्रमुख ने की शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अपील
- Army Commander Northern Command Chairs Security Review Meeting in Srinagar
- JIH Urges Government to Choose Dialogue Over Confrontation on Public Issues
- ‘एक कचौड़ी, दो समोसा’ नारे पर शिवराज का सवाल— “आखिर ऐसी नौबत क्यों आई?”
- जमाअत-ए-इस्लामी हिंद ने सरकार से टकराव छोड़ बातचीत अपनाने की मांग की; SIR, इबादतगाहों की सुरक्षा और असहमति पर चिंता जताई

