उत्तर प्रदेश/वाराणसी(नोमान माजिद): भारत में बकरीद का पर्व 29 जून गुरुवार को मनाया जाएगा। ऐसे में बकरा मंडियों में जानवर की खरीद-फरोख्त जारी है। बकरों के दाम आसमान छू रहे हैं। लोग मंडियों में बकरे खरीदने के आ रहे हैं।
लेकिन काशी की प्रसिद्ध बकरा मंडी बेनियाबाग में लोग बकरे को खरीदने नहीं बल्कि एक बकरे को सिर्फ देखने के आ रहे हैं। इस बकरे को देखने के लिए यहाँ लोगों की भीड़ उमड़ रही है। यह बकरा है आजमगढ़ के पी कुमार का जिसकी पीठ पर अल्लाह और मोहम्मद के नाम प्रकृति ने उकेर इसे खास बना दिया है।
पूर्वांचल की सबसे बड़ी बकरा मंडी में बरबरी नस्ल के बकरे की धूम
बेनियाबाग बकरा मंडी हमेशा से चर्चा में रही और यहां हमेशा कुदरत के नायाब नमूने देखने को मिलते हैं। कोरोना के चलते कई वर्षों तक बंद रही मंडी में एक बार फिर रौनक है।

इस मंडी में आजमगढ़ के पी कुमार भी अपने जिगर के टुकड़े को लेकर पहुंचे हैं। ये इनका लड़का तो नहीं पर इनका चहेता है, जिसकी पीठ पर खुदा का करिश्मा नुमाया है। बारबरी नस्ल के बकरे की पीठ पर एक तरफ अल्लाह तो एक तरफ मोहम्मद लिखा हुआ है।
बचपन से थी इबारत बड़े होने पर उभरी
पी कुमार ने बताया कि इस बकरे में शुरुआत में ही यह इबारत थी तो पर हल्की थी, जिससे इसका दावा नहीं किया जा सकता था। अब इसके दोनों तरफ यह इबारत खिलकर सामने आ गई है जिसे देखने के लिए भीड़ लग रही है।
कीमत जान हो जाएंगे हैरान
काशी की बकरा मंडी के इस बकरे की अभी तक सबसे बड़ी कीमत बताई गई है। इस बकरे की कीमत पी कुमार ने 6 लाख रखी है। 6 लाख में इसे खरीदने की कोई हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है।

पी कुमार ने बताया कि एक व्यक्ति जो की बनारस का ही है, उसने 4 लाख कीमत लगाईं थी पर 6 लाख से कम में इसे नहीं बेचूंगा।
पालने के लिए ये शर्त
वहीं पी कुमार का कहना है कि यदि कोई इसे पालना चाहता है और वो वादा करे के इसे कुर्बानी नहीं कराएगा तो उसके लिए इसकी कीमत 3 लाख रुपए होगी। फिलहाल मंडी में अभी तक किसी ने पहल नहीं की है पालने को लेकर नहीं सभी कुर्बानी के लिए ही आ रहे हैं।
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