Eid al-Adha 2023 Advisory: क़ुर्बानी को लेकर मुंबई हाईकोर्ट का फ़ैसला सालों पुरानी परम्पराओं और रिवायतों के ख़िलाफ़- आल इंडिया मुस्लिम जमात

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बरेली(गुलरेज़ खान): मुंबई हाईकोर्ट ने बुधवार (28 जून) देर रात को बीएमसी(बृहन्मुंबई महानगर पालिका) को बकरीद पर कुर्बानी करने को लेकर दिशा-निर्देश जारी किये हैं। इन निर्देशों में उसने यह स्पष्ट करने को कहा है कि बकरीद के दिन वो ये सुनिश्चित करें कि किसी भी घर में कुर्बानी नहीं दी जानी चाहिए।

मुंबई हाईकोर्ट के इन दिशा निर्देशों पर आल इंडिया मुस्लिम जमात(All India Muslim Jamat) ने प्रतिक्रिया दी है। जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी ने कहा कि सालो से लोग बक़रीद के दिनों में कुर्बानी मज़बा खानों (Slaughter House) और घरों में करते आये हैं। हमारी हुकूमत ने इस बात का ख्याल रखते हुए हर शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में ये व्यवस्था की है और साफ निर्देश भी आते रहते हैं कि लोग अपने घरों के अंदर या मज़बा खाने में कुर्बानी करें, सार्वजनिक स्थानों पर कुर्बानी करने के लिए मना किया गया है और इस पर मुसलमान अमल भी करता है।

कोर्ट का फैसला सालों पुरानी परम्पराओं और रिवायतों के खिलाफ

मौलाना ने कहा कि मुंबई हाईकोर्ट ने जो फैसला दिया है वो सालों पुरानी परम्पराओं और रिवायतों के खिलाफ है। फ़ाज़िल जजों से हमारी गुजारिश है कि अपने दिये गये फैसले पर पुनर्विचार करें।

मौलाना ने कहा कि आल इंडिया मुस्लिम जमात कानून के माहिरीन से मशवरा करके सुप्रीम कोर्ट में इस फैसले के खिलाफ अपील दायर करेगी।

दरअसल बॉम्बे हाईकोर्ट में मुंबई की ही एक सोसाइटी नैथानी हाइट्स में एक मामले को लेकर याचिका दायर की गई थी, जिसमें याचिकाकर्ता ने अदालत से खुले में या घरों में कुर्बानी देने से रोक लगाने का आग्रह किया था। जिसके बाद जस्टिस जीएस कुलर्कणी और जितेंद्र जैन की पीठ ने कहा, बीएमसी या नगर निगम ने जिन जगहों पर जानवरों की कुर्बानी के लिए लाइसेंस जारी नहीं किया है, तो वह सुनिश्चित करें वहां पर कुर्बानी नहीं दी जानी चाहिए।

बतादें कि मुंबई हाईकोर्ट में कल शाम जब यह याचिका मुख्य न्यायाधीश के कोर्ट में दायर की गई तो उन्होंने इस मामले की तत्तकाल सुनवाई करने के लिए दो जजों के एक पैनल को नियुक्त किया। मामले को सुनने के बाद अदालत ने शाम 7 बजे यह फैसला सुनाया और बीएमसी को आदेश देते हुए उसका पालन सुनिश्चित करने को कहा।

याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता सुभाष झा ने बहस की और उन्होंने आज दी जाने वाली कुर्बानियों पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।

वहीं, सुनवाई के दौरान कोर्ट में मौजूद बीएमसी के वकील जोएल कार्लोस ने बेंच को बताया कि बीएमसी ने हाउसिंग सोसाइटी में ही बकरीद के दिन एक तय की गई जगह में कुर्बानी की इजाजत पहले से ही दी हुई है। हालांकि बीएमसी इस सोसाइटी में एक अधिकारी को इस दौरान जांच के लिए जरूर भेजेंगे कि आखिर यहां नियमों का पालन किया जा रहा है या नहीं। किसी नियम का उल्लंघन होने पर लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

 

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