सुरजापुरी डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन ने मनाया 29वां स्थापना दिवस, जातिगत दर्जा सुधारने को लेकर सौंपा ज्ञापन

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कटिहार। सुरजापुरी डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन ने अपने 29वें स्थापना दिवस पर सीमांचल के पूर्णिया, किशनगंज और कटिहार जिलों में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया। इस दौरान संगठन ने सुरजापुरी जाति को अत्यंत पिछड़ा वर्ग (ईबीसी) में शामिल करने और जाति प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपा।

कटिहार के बलरामपुर प्रखंड कार्यालय में संगठन के अध्यक्ष मौलाना अनवारूल हक कासमी के नेतृत्व में प्रखंड विकास पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया। कदवा प्रखंड कार्यालय में अधिवक्ता गुलाम आमिर, शौकत हुसैन और प्रोफेसर मरगूबुल हक के नेतृत्व में प्रभारी जिला पदाधिकारी को ज्ञापन दिया गया। इस अवसर पर प्रमुख सदस्यों में सनौवर आलम, नौशाद आलम, अंजार आलम, अरशद अयूब, वकार निजामी, रोहिल आलम, हैदर अली और शमशाद आलम शामिल थे।

ज्ञापन में सुरजापुरी जाति को बिहार सरकार की पिछड़ा वर्ग सूची-2 से हटाकर अत्यंत पिछड़ा वर्ग में शामिल करने की मांग की गई। संगठन के सदस्यों ने बताया कि कटिहार, पूर्णिया, किशनगंज और अररिया जिलों में सुरजापुरी समुदाय की बड़ी आबादी निवास करती है। यह जाति सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक रूप से अत्यंत पिछड़ी हुई है, जिसके चलते इसे ईबीसी का दर्जा दिया जाना जरूरी है।

सदस्यों ने कहा कि सीमांचल क्षेत्र में गरीबी, अशिक्षा और पिछड़ेपन की स्थिति को देखते हुए सुरजापुरी जाति को पर्याप्त आरक्षण और विकास योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री से इस दिशा में जल्द से जल्द उचित कदम उठाने की अपील की।

“किशनगंज में एएमयू परिसर का प्रस्तावित सपना आज भी अधूरा है, जो सीमांचल की शैक्षणिक आकांक्षाओं की उपेक्षा का प्रतीक है। बड़ी उम्मीदों के साथ घोषित यह परिसर क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा प्रदान कर सामाजिक और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने वाला था। लेकिन, नौकरशाही की देरी, राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी और पर्याप्त धनराशि के अभाव ने इसकी प्रगति को रोक दिया है, जिससे सीमांचल के पिछड़े क्षेत्र के युवा विकास और सशक्तिकरण के अवसरों से वंचित रह गए हैं।”

इसके अतिरिक्त, संगठन ने ज्ञापन के माध्यम से किशनगंज में स्थित अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) की शाखा में शैक्षणिक गतिविधियां शीघ्र शुरू करने की मांग की। सदस्यों का कहना है कि एएमयू शाखा की शुरुआत से सीमांचल क्षेत्र में शैक्षिक, सामाजिक और आर्थिक विकास के साथ रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और समुदाय को पिछड़ेपन से उबरने में मदद मिलेगी।

इस अवसर पर सीमांचल यूथ क्लब के डॉ. अरमान अहमद, एम.के. वलायत, अब्दुर रऊफ, सदफ कमाली, अबु मुकारिम, तारिक अनवर और मुन्तखब अंजुम समेत अन्य कई सदस्य उपस्थित थे।

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