रियाद: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सऊदी अरब पहुंचे जहां प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने उनका स्वागत किया।
विदेशी मीडिया के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप यूएस एयरफोर्स वन से सऊदी अरब की राजधानी रियाद के किंग खालिद हवाई अड्डे पर पहुंचे, जहां उनका स्वागत सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने किया।
रिपोर्ट के अनुसार, ट्रम्प के साथ अमेरिकी विदेश मंत्री, रक्षा मंत्री और वरिष्ठ सैन्य अधिकारी भी सऊदी अरब पहुंचे हैं।
विदेशी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार ट्रम्प कतर और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के लिए रवाना होने से पहले आज और कल का कुछ समय सऊदी अरब में बिताएंगे।
सऊदी अरब पहुंचे अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रियाद में आयोजित सऊदी-अमेरिका इन्वेस्टमेंट फोरम को संबोधित किया।
ट्रम्प ने यह कहते हुए अपनी बात शुरू की कि सऊदी अरब एक ‘बहुत अच्छी जगह’ है और यहां लोग भी ‘बहुत अच्छे’ हैं। इसके बाद उन्होंने क्राउन प्रिंस सलमान को धन्यवाद दिया और उन्हें ‘असाधारण व्यक्ति’ बताया।
ट्रंप ने कहा कि उनकी यह यात्रा दोनों देशों के बीच 80 वर्षों की साझेदारी का प्रतीक है। ट्रंप ने कहा, “आज हम अपने संबंधों को पहले से कहीं अधिक घनिष्ठ, मजबूत और शक्तिशाली बनाने के लिए अगला कदम उठा रहे हैं।”
अमेरिकी राष्ट्रपति ने सऊदी अरब के साथ हुए समझौते का ज़िक्र करते हुए कहा कि सऊदी अरब 142 अरब डॉलर के अमेरिका निर्मित सैन्य उपकरण खरीद रहा है।
ट्रंप ने कहा कि आठ साल पहले वे इसी कमरे में खड़े थे और एक ऐसे भविष्य की उम्मीद कर रहे थे, जिसमें सऊदी अरब ‘आतंकवाद’ और उग्रवाद की ताकतों को ‘पूरी तरह से खत्म’ कर देगा.
उन्होंने क्राउन प्रिंस की तारीफ करते हुए कहा, “आपने कुछ काम किया है.”
उन्होंने कहा कि पिछले आठ सालों में सऊदी अरब ने ‘आलोचकों को पूरी तरह से गलत साबित कर दिया है’.
अमेरिका और सऊदी अरब के बीच 142 अरब डॉलर का रक्षा बिक्री समझौता हुआ है. अमेरिका ने इस समझौते को ‘इतिहास का सबसे बड़ा रक्षा बिक्री समझौता’ कहा है.
व्हाइट हाउस की ओर से जारी फैक्ट शीट में इसकी जानकारी दी गई है.
व्हाइट हाउस का कहना है कि सऊदी अरब ने अमेरिका में 600 अरब डॉलर का “निवेश करने की प्रतिबद्धता” जताई है.
ट्रंप सऊदी अरब, क़तर और यूएई की चार दिवसीय यात्रा पर निकले हैं. ये ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की पहली बड़ी कूटनीतिक यात्रा है.
ग़ौरतलब है कि आठ साल पहले भी ट्रंप ने राष्ट्रपति के रूप में अपनी पहली विदेश यात्रा के लिए सऊदी अरब को ही चुना था। एक बार फिर ट्रंप ने पारंपरिक पश्चिमी सहयोगियों को दरकिनार करते हुए इन तेल-समृद्ध खाड़ी देशों को अपनी पहली यात्रा के लिए चुना है। ट्रंप का यह निर्णय क्षेत्र में इन देशों के अपने व्यापारिक संबंधों के साथ-साथ उनकी बढ़ती महत्वपूर्ण भू-राजनीतिक भूमिका को भी दिखाती है।
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