ऋषिकंड, 20 जनवरी 2026: उत्तराखंड के पौड़ी जिले के कुनाउन गांव में बिहार के एक मौलाना ने विश्व हिंदू शक्ति संगठन और बजरंग दल के सदस्यों पर उत्पीड़न और धमकियों का गंभीर आरोप लगाया है। मामला मुस्लिम बच्चों को कुरान पढ़ाने को लेकर भड़का, जिसने पूरे इलाके में सामुदायिक तनाव पैदा कर दिया। पुलिस ने दोनों पक्षों के परस्पर विरोधी दावों की जांच शुरू कर दी है।
विवाद की शुरुआत: दुकान में कुरान पढ़ाने पर आपत्ति
स्थानीय लोगों के मुताबिक, मौलाना लंबे समय से अपनी छोटी सी दुकान में पड़ोसी मुस्लिम परिवारों के बच्चों को कुरान की बुनियादी शिक्षा दे रहे थे। यह कोई औपचारिक मदरसा नहीं था, बल्कि घरेलू स्तर पर चल रही अनौपचारिक कक्षाएं थीं।
विवाद तब भड़का जब हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने इसे अवैध बताते हुए विरोध जताया। उन्होंने मौलाना के आधार कार्ड पर सवाल उठाए और दावा किया कि गांव का पुराना मदरसा अदालत के आदेश से बंद हो चुका है।
हिंदू संगठनों के प्रमुख बयान
- रघुवेंद्र भटनागर (विश्व हिंदू शक्ति संगठन): “आधार कार्ड पर नाम, पता और जन्मतिथि संदिग्ध लगते हैं। हमें पता चलना चाहिए कि वह कौन है और यहां क्यों पढ़ा रहा है।”
- नरेश उनियाल (बजरंग दल): “ऐसी कक्षाओं को अनुमति देना खतरा है, इसे रोका जाना चाहिए।”
मौलाना का पक्ष: ‘मुस्लिम बच्चों को कुरान पढ़ाना अपराध नहीं’
मौलाना ने सभी आरोपों से इनकार किया। उन्होंने कहा, “मैं बिहार का हूं, 15 साल से उत्तराखंड में रह रहा हूं। मैं मदरसा नहीं चलाता, सिर्फ आसपास के बच्चों को कुरान पढ़ाता हूं। सम्मान से पूछते तो दस्तावेज दिखा देता।”
उन्होंने आरोप लगाया कि संगठन की भीड़ ने उन्हें ‘पाकिस्तानी’ कहा, धमकियां दीं और अपमानित किया। एक वायरल वीडियो में पुलिस पहुंचने से पहले तीखी बहस, चीखें और हल्की धक्कामुक्की कैद हुई है।
कानूनी पहलू: अनुच्छेद 25 की सुरक्षा
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, संविधान का अनुच्छेद 25 धर्म प्रचार और पालन की स्वतंत्रता देता है। अनौपचारिक धार्मिक शिक्षा के लिए सामान्यतः विशेष अनुमति जरूरी नहीं, जब तक कानून का उल्लंघन न हो।
लक्ष्मण झूला पुलिस प्रभारी भुवन चंद पुजारी ने कहा, “दोनों पक्षों से शिकायतें मिली हैं। दस्तावेज जांचे जा रहे हैं। कोई कानून हाथ में न ले।”
स्थानीय मुसलमानों का डर
गांव के मुसलमानों ने डर जताया कि उनके बच्चे सिर्फ धार्मिक बेसिक्स सीख रहे थे। पुलिस ने कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
