दुबई के पॉश इलाकों में हाई-टेक साइबर स्कैम: पाम जुमेराह और दुबई मरीना में करोड़ों की धोखाधड़ी का पर्दाफाश

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दुबई: संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले इलाकों—दुबई मरीना और पाम जुमेराह—में एक बेहद परिष्कृत (Sophisticated) साइबर बैंक धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। शातिर अपराधियों ने फर्जी मोबाइल नेटवर्क बनाकर लोगों के बैंक खातों में सेंध लगाई, लेकिन दुबई पुलिस की मुस्तैदी ने इस हाई-टेक गिरोह का भंडाफोड़ कर दिया।

कैसे दिया गया इस बड़ी धोखाधड़ी को अंजाम?

जांच और अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह कोई साधारण फिशिंग स्कैम नहीं था। आरोपियों ने इसके लिए एक पूरा ‘धोखाधड़ी नेटवर्क’ तैयार किया था:

  • अवैध उपकरणों की तस्करी: अपराधी विशेष आईटी उपकरण और सिग्नल जैमर अवैध रूप से यूएई में लेकर आए थे।
  • फर्जी मोबाइल नेटवर्क: इन उपकरणों की मदद से गिरोह ने एक गुप्त और फर्जी मोबाइल नेटवर्क स्थापित किया।
  • असली फ्रीक्वेंसी ब्लॉक करना: उन्होंने असली मोबाइल नेटवर्क की फ्रीक्वेंसी को ब्लॉक कर दिया और नागरिकों को बैंकों के नाम पर फर्जी एसएमएस (SMS) भेजने शुरू कर दिए।

धोखाधड़ी का तरीका: ‘बैंक लोगो’ का इस्तेमाल

अपराधी पीड़ितों को फंसाने के लिए असली बैंक के लोगो और आधिकारिक भाषा का उपयोग करते थे।

  1. नागरिकों को एक एसएमएस मिलता था जिसमें एक मैलिशियस लिंक (Malicious Link) होता था।
  2. जैसे ही यूजर उस लिंक पर क्लिक करता, उसकी व्यक्तिगत और वित्तीय जानकारी (Banking Credentials) चोरी हो जाती थी।
  3. इस डेटा का उपयोग करके आरोपी पीड़ितों के खातों से पैसा ट्रांसफर कर लेते थे।

दुबई पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी

इस स्कैम का खुलासा तब हुआ जब दुबई मरीना के निवासियों ने संदिग्ध संदेशों की सूचना अधिकारियों को दी। दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TDRA) के विशेषज्ञों ने सिग्नल ट्रैक किए और गिरोह की लोकेशन का पता लगाया।

  • पकड़ा गया चलता-फिरता कंट्रोल रूम: पुलिस ने पाम जुमेराह में एक वाहन को जब्त किया, जो एक मिनी सर्वर रूम की तरह था। इसमें जैमिंग डिवाइस, रिसीवर, कंप्यूटर और कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण मौजूद थे।
  • सजा का ऐलान: पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अदालत ने उन्हें छह-छह महीने की जेल की सजा सुनाई है और सजा पूरी होने के बाद उन्हें देश निकाला (Deportation) दिया जाएगा।

साइबर फ्रॉड से बचने के लिए सुझाव

  • किसी भी बैंक संदेश में दिए गए संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें।
  • अगर आपके फोन के सिग्नल अचानक चले जाएं या संदेहास्पद नेटवर्क दिखे, तो तुरंत सावधानी बरतें।
  • हमेशा आधिकारिक बैंक ऐप का ही उपयोग करें।

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