नई दिल्ली | 30 अप्रैल, 2026: जामिया मिल्लिया इस्लामिया (JMI) ने अंतरराष्ट्रीय सहयोग की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाते हुए नेपाल के पूर्बांचल विश्वविद्यालय के एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल की मेजबानी की। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य ‘क्वालिटी एश्योरेंस’, ‘गवर्नेंस सिस्टम’ और उच्च शिक्षा की ‘बेस्ट प्रैक्टिसेज’ पर संस्थागत अनुभवों को साझा करना और क्षमता निर्माण (Capacity Building) करना था।
शैक्षणिक सुधारों पर चर्चा
नेपाल के विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के क्वालिटी एश्योरेंस ढांचे के तहत आयोजित इस दौरे में पूर्वांचल विश्वविद्यालय के वरिष्ठ शैक्षणिक लीडर्स, परीक्षा अधिकारी और प्रशासक शामिल हुए। प्रतिनिधिमंडल ने जामिया की प्रशासनिक कार्यप्रणाली और शैक्षणिक उत्कृष्टता को समझने में गहरी रुचि दिखाई।
प्रमुख बिंदुओं पर हुआ संवाद
सत्र के दौरान जामिया के विभिन्न विभागों के प्रमुखों ने विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली का विस्तृत ब्यौरा दिया:
- विरासत और सहयोग: अंतर्राष्ट्रीय संबंध की डीन प्रो. उशविंदर कौर पोपली ने जामिया की ऐतिहासिक विरासत और क्षेत्रीय सहयोग के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।
- परीक्षा सुधार: परीक्षा नियंत्रक प्रो. एहतेशामुल हक ने जामिया की ‘टेक्नोलॉजी-ड्रिवन’ प्रवेश और परीक्षा प्रणाली के बारे में बताया, जो पारदर्शिता और डिजिटल एकीकरण का बेहतरीन उदाहरण है।
- क्वालिटी एश्योरेंस: IQAC की निदेशक डॉ. रफ़त परवीन ने एक्रिडेशन प्रक्रियाओं और फीडबैक सिस्टम के माध्यम से निरंतर सुधार की रणनीतियों पर प्रकाश डाला।
- शैक्षणिक संरचना: शैक्षणिक मामलों की डीन प्रो. तनुजा ने विश्वविद्यालय के अनुसंधान-उन्मुख विकास का खाका प्रस्तुत किया।
“जामिया क्वालिटी एश्योरेंस, डिजिटल शासन और परीक्षा प्रणालियों के क्षेत्र में एक मानक संस्थान (Benchmark Institution) है।” — प्रो. प्रशांत कुमार लाल, टीम लीडर, पूर्वांचल विश्वविद्यालय
उन्नत बुनियादी ढांचे का अवलोकन
प्रतिनिधिमंडल ने जामिया के उन्नत बुनियादी ढांचे का प्रत्यक्ष अनुभव करने के लिए सेंट्रल लाइब्रेरी, सेंट्रल इंस्ट्रूमेंटेशन फैसिलिटीज़ और सेंटर फॉर इंटरडिसिप्लिनरी रिसर्च इन बेसिक साइंसेज़ (CIRBS) का दौरा किया। नेपाली प्रतिनिधियों ने विशेष रूप से जामिया की AI-एनेबल्ड एकेडेमिक प्रैक्टिसेज को सीखने की इच्छा जताई।
नेतृत्व और भविष्य की राह
इस सफल कार्यक्रम का आयोजन कुलपति प्रो. मज़हर आसिफ़ और रजिस्ट्रार प्रो. मो. महताब आलम रिज़वी के मार्गदर्शन में किया गया। जामिया प्रशासन ने इस दौरे को शैक्षणिक मेंटरशिप की दिशा में एक सार्थक पहल बताया है, जिससे दोनों देशों के इन प्रतिष्ठित संस्थानों के बीच संबंध और अधिक प्रगाढ़ होंगे।
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