लखनऊ, 2 अक्टूबर 2026: बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने शुक्रवार को समाजवादी पार्टी (SP) पर जमकर निशाना साधा है।
मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लंबी पोस्ट कर अखिलेश यादव द्वारा धनराज परिमल नाथवानी और रामगोपाल यादव को राज्यसभा उम्मीदवार बनाए जाने की आलोचना की है।
BSP की राजनीति परिवारवाद और धनबल से मुक्त: मायावती
मायावती ने लिखा, “जैसाकि यह सर्वविदित है कि बी.एस.पी. किसी भी छोटे-बड़े चुनाव में विरोधी पार्टियों में भी ख़ासकर समाजवादी पार्टी (सपा) की तरह अपने परिवार, सगे-सम्बंधी, भाई-भतीजों, क़रीबी रिश्ते-नातेदारों के साथ ही विशेषकर बड़े-बड़े पूँजीपतियों व धन्नासेठों आदि को टिकट नहीं देती है।”
उन्होंने कहा कि BSP चुनावों में उनके धनबल का सहारा नहीं लेती है, बल्कि पार्टी में कार्यरत सर्वसमाज में से केवल ग़रीब, मध्यम वर्ग व कमज़ोर तबक़ों के कर्मठ अम्बेडकरवादी लोगों को ही अपनी पार्टी का उम्मीदवार बनाती है।
मायावती का दावा है कि BSP की राजनीति परिवारवाद व धनबल से मुक्त व पाक-साफ है, जबकि वहीं दूसरी तरफ सपा ठीक इसके विपरीत कार्य करती है।
राज्यसभा उम्मीदवारों को लेकर सवाल
मायावती ने लिखा, “इसका एक और ख़ास व ताज़ा उम्मीदवार यह है कि सपा ने यूपी से राज्यसभा के लिये द्विवार्षिक चुनाव में श्री रामगोपाल यादव को फिर से पर्चा भरवाया है जो सपा मुखिया के नज़दीकी रिश्तेदार हैं, जबकि सपा ने अपनी पार्टी का दूसरा उम्मीदवार श्री धनराज परिमल नाथवानी को बनाया है, जो चर्चित उद्योग घराने से सम्बद्ध हैं।”
उनका कहना है कि लोगों की राय में सपा का तीसरा उम्मीदवार पहले की तरह संभवतः ‘फेस सेविंग’ व चुनाव हारने के लिये होगा।
“सपा को चुनाव में वोट तो पीडीए का चाहिए, लेकिन सांसद पूंजीपतियों को”
मायावती ने कहा, “तो इस प्रकार का है सपा, उसका ‘पीडीए’ (PDA) व उस पार्टी का समाजवाद अर्थात सपा को चुनाव में वोट तो ‘पीडीए’ का चाहिये, लेकिन सांसद व विधायक आदि ज़्यादातर अपने परिवार वालों को व बड़े-बड़े पूँजीपतियों को बनाती है।”
उन्होंने जनता से अपील की कि वे पीडीए के बहकावे में ना आएं।
बहुजन समाज को सतर्क रहने की अपील
मायावती ने लिखा, “वास्तव में यह कोई नई बात नहीं है बल्कि सपा का इस प्रकार का दोहरा चाल, चरित्र व चेहरा हमेशा से ही रहा है और इसीलिये ख़ासकर अपरकास्ट समाज के ग़रीबों तथा ‘बहुजन समाज’ अर्थात दलितों, आदिवासियों, अति-पिछड़ों, मुस्लिम एवं अन्य धार्मिक अल्पसंख्यक समाज के समस्त लोगों को अब ख़ासकर यूपी विधानसभा आमचुनाव से पहले ही ज़रूर पूरी तरह से सचेत/सतर्क हो जाना चाहिये कि उन सबका हित अम्बेडकरवादी बी.एस.पी. में ही निहित व सुरक्षित है, बाकी सब छलावा ही छलावा है।”
समाजवादी पार्टी ने 30 सितंबर को रामगोपाल यादव और धनराज परिमल नाथवानी को उत्तर प्रदेश से राज्यसभा उम्मीदवार घोषित किया था।
2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले पीडीए फॉर्मूले को लेकर सपा और बसपा के बीच राजनीतिक तनाव बढ़ता जा रहा है।
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