चकमार्गों को अतिक्रमण मुक्त रखें; पैमाइश के बाद दोबारा अवैध कब्जा करने वालों पर भू-माफिया के तहत होगी कार्रवाई: डॉ. त्रिपाठी
मैनपुरी(सिराज हुसैन): जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी के निर्देशन में प्रत्येक गुरुवार को आयोजित होने वाले “मिशन समाधान” का असर अब धरातल पर साफ दिखाई देने लगा है। विगत समाधान दिवसों के दौरान ग्राम सभा की सैकड़ों बीघा भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। इसी क्रम में, गुरुवार को आयोजित “मिशन समाधान” में अधिकांश मामलों का निस्तारण दोनों पक्षों की मौजूदगी और उनकी सहमति के आधार पर किया गया।
जिलाधिकारी ने स्वयं नगर पालिका के जगरूपपुर वार्ड पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। वहां पिछले कई वर्षों से 3 चकरोडों और मरघट की भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत थी। जिलाधिकारी की मौजूदगी में राजस्व टीम ने जेसीबी की मदद से चकरोडों की पैमाइश कराई और मिट्टी डलवाकर उन्हें कब्जा मुक्त कराया, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में बड़ी राहत मिली। इसके अतिरिक्त, ग्रामवासी रघुनंदन, जगदीश, रमेश, सुधीर, बेनीराम, नितिन आदि द्वारा मरघट की भूमि पर अवैध कब्जे के कारण अंत्येष्टि में आ रही दिक्कतों की शिकायत पर भी तत्काल कार्रवाई की गई। राजस्व टीम ने मौके पर ही पैमाइश कराकर भूमि को खाली कराया और शिकायतकर्ताओं की समस्या का समाधान किया।
इस दौरान जिलाधिकारी ने राजस्व अधिकारियों व कर्मचारियों को सख्त हिदायत देते हुए कहा, “चकमार्ग और चकरोड आम जनता के आवागमन के लिए हैं। इन पर अवैध कब्जे के कारण किसानों को अपने खेतों तक पहुंचने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है और ग्रामीणों को भी असुविधा होती है।”
उन्होंने कड़े शब्दों में सचेत किया कि राजस्व अधिकारी और कर्मचारी यह सुनिश्चित करें कि उनके क्षेत्र में चकमार्गों या सार्वजनिक भूमि पर कहीं भी अवैध कब्जा न रहे। यदि पूर्व में पैमाइश कर हटाए गए कब्जों पर दोबारा कोई कब्जा करता है, तो ऐसे व्यक्तियों को भू-माफिया के रूप में चिन्हित कर उनके खिलाफ सुसंगत धाराओं में प्रभावी कानूनी कार्रवाई की जाए।
29 संयुक्त टीमों ने 136 प्रकरणों पर की कार्रवाई
आज जनपद की 06 तहसीलों में पुलिस और राजस्व की 29 संयुक्त टीमें गठित की गईं। चिन्हित किए गए 136 प्रकरणों पर उप जिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी, तहसीलदार, प्रभारी निरीक्षक, नायब तहसीलदार और खंड विकास अधिकारी के साथ लेखपाल व पुलिस की टीमों ने मौके पर जाकर निस्तारण की कार्रवाई की।
- तहसील सदर: 25 प्रकरणों के लिए उप जिलाधिकारी, तहसीलदार व नायब तहसीलदार के नेतृत्व में 05 टीमें गठित।
- तहसील भोगांव: 28 प्रकरणों के लिए 07 टीमें तैनात।
- तहसील किशनी: 15 प्रकरणों के लिए 03 टीमें तैनात।
- तहसील करहल: 15 प्रकरणों के लिए उप जिलाधिकारी (न्यायिक) सहित 03 टीमें गठित।
- तहसील कुरावली: 24 प्रकरणों के लिए 05 टीमें तैनात।
- तहसील घिरोर: 29 प्रकरणों के लिए 06 टीमों ने मौके पर जाकर अधिकांश शिकायतों का निस्तारण आपसी सहमति व सुलह-समझौते के आधार पर कराया।
कार्रवाई के दौरान उप जिलाधिकारी सदर श्याम प्रताप सिंह, राजस्व निरीक्षक बृजेश राठौर, आईजीआरएस अनुभाग से अनुज कुमार, क्षेत्रीय लेखपाल, स्थानीय सभासद और सूचना विभाग से अब्दुल जहीन सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
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