नई दिल्ली: देश भर में चीफ इलेक्शन कमिश्नर (CEC) के खिलाफ तेज होते प्रदर्शनों के बीच अब बॉलीवुड और सामाजिक हस्तियों की आवाजें भी बुलंद होने लगी हैं। अभिनेत्री पूजा बेदी ने शनिवार (17 अक्टूबर 2026) को एक प्रभावशाली वीडियो संदेश जारी कर प्रदर्शनकारियों का खुलकर समर्थन किया है। उन्होंने नागरिकों से लोकतंत्र की रक्षा के लिए अपनी चुप्पी तोड़ने, सोशल मीडिया पर आवाज उठाने और तानाशाही के खिलाफ एकजुट होने की तीखी अपील की है।
“भाजपा भारत नहीं है, और भारत भाजपा नहीं है”जारी किए गए वीडियो और अपने सोशल मीडिया कैप्शन में पूजा बेदी ने केंद्र सरकार और मौजूदा व्यवस्था पर सीधे सवाल दागे। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सत्ताधारी दल की आलोचना करना देशद्रोह नहीं हो सकता।
“भाजपा भारत नहीं है और भारत भाजपा नहीं है। भारत भाजपा से पहले भी मौजूद था और भाजपा के बाद भी रहेगा।” — पूजा बेदी
उन्होंने देश में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं की धरपकड़ पर गंभीर चिंता जताते हुए पूछा कि क्या शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार करना लोकतंत्र की निशानी है या यह दमनकारी रवैया है?
कानून व्यवस्था पर उठाए गंभीर सवाल
पूजा बेदी ने न्याय व्यवस्था और प्राथमिकताओं की तुलना करते हुए तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि एक तरफ देश के हक और लोकतंत्र के लिए आवाज उठाने वाले युवाओं को न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है, वहीं दूसरी ओर गंभीर अपराधों (बलात्कार और हत्या) के आरोपियों को आसानी से जमानत मिल जाती है।
जनता को झकझोरते हुए बेदी ने सवाल किया, “क्या आपने लोकतंत्र के लिए वोट दिया था या तानाशाही के लिए? याद रखिए, तानाशाही में न तो वोट देने का अधिकार होता है और न ही नागरिकों के हक सुरक्षित रहते हैं।”
देश के नागरिकों से की खास अपील
अपने सोशल मीडिया पोस्ट में पूजा बेदी ने देशवासियों को लोकतंत्र का ‘मशाल वाहक’ (Torch Bearer) बनने का आह्वान किया:
- आवाज उठाएं: यदि आप प्रदर्शन स्थलों पर व्यक्तिगत रूप से नहीं पहुंच सकते, तो खुलकर बोलें।
- सोशल मीडिया का उपयोग करें: यदि बोल नहीं सकते तो पोस्ट करें, और यदि नया पोस्ट नहीं बना सकते तो दूसरों के पोस्ट को री-पोस्ट करके जागरूकता फैलाएं।
- दमनकारी नीतियों का विरोध: दमन, गैर-कानूनी कार्रवाइयों और तानाशाही रवैये पर रोशनी डालें, क्योंकि जागरूकता ही बदलाव की पहली सीढ़ी है।
- भविष्य की सुरक्षा: देश, बच्चों और भारत के लोकतांत्रिक भविष्य को आज आपकी सख्त जरूरत है।
क्या है पूरा मामला?
यह पूरा विवाद चीफ इलेक्शन कमिश्नर (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और इलेक्टोरल रोल्स के ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ (SIR) को लेकर शुरू हुआ है। प्रदर्शनकारियों और विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूचियों से बड़े पैमाने पर वैध मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं।
दिल्ली, मुंबई समेत देश के कई बड़े शहरों में इसके विरोध में प्रदर्शन हो रहे हैं, जहाँ कई युवाओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस हिरासत में लिया गया है। पूजा बेदी से पहले अभिनेता इमरान खान और प्रकाश राज जैसी प्रमुख हस्तियां भी इन प्रदर्शनों के प्रति अपना समर्थन जता चुकी हैं।
पूजा बेदी का यह वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है और यह बयान काफी सुर्खियों में बना हुआ है।
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